केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने वन्य जीव तस्करी में संलिप्त होने की आशंका में जंगल से आ रहे तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी वन कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। आरोपियों से एक बंदूक और छर्रे बरामद हुए हैं। चारों के खिलाफ भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत वन अपराध में मुकदमा दर्ज किया गया है।
बुधवार को बेमरु बीट के अंतर्गत कुजौं-बेमरु मार्ग पर वन पंचायत पोथनी के बेडूपानी तोक में जंगल से आ रहे महावीर सिंह व हरीश सिंह, ग्राम-कौंज पोथनी, चमोली को वन अधिकारी और कर्मियों ने धर दबोचा। उनके पास से एक बंदूक और छर्रे मिले। पूछताछ में उन्होंने बताया कि बंदूक चंद्र सिंह की है जो लाइसेंसी है। घटनास्थल के समीप ही दो अन्य लोग भी हरीश सिंह व ताजवर सिंह ग्राम कोंज पोथनी संदिग्ध हालत में घूमते मिले। जब जंगल में घूमने का कारण पूछा तो संतोषजनक जवाब न मिलने पर वन कर्मियों ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। वन कर्मी चारों आरोपियों को पुलिस थाने ला रहे थे कि एक आरोपी हरीश सिंह चकमा देकर फरार हो गया। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों से हथियार के साथ जंगल में जाने को लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही उनके वाहन भी कब्जे में ले लिए हैं। फरार आरोपी की खोज जा रही है। पकड़े गए लोगों के वन्य जीव तस्करी में संलिप्त होने की आशंका है।
वन महकमा अलर्ट, लंबी दूरी की गश्त बढ़ाई
गोपेश्वर। लॉकडाउन का फायदा उठाकर कहीं वन्य जीव तस्कर तो जंगल में सक्रिय नहीं हो गए हैं। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत बेमरु बीट में कुछ लोगों के बंदूक के साथ पकड़े जाने के बाद वन महकमा अलर्ट हो गया है। वन कर्मियों को वन क्षेत्र में लंबी दूरी की गश्त करने और लाइसेंसी बंदूकधारियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग 97 हजार हेक्टेयर भूभाग में फैला है। यहां राज्य पक्षी मोनाल के साथ ही कस्तूरा मृग, काला भालू, भूरा भालू, स्नो लेपर्ड, गुलदार के साथ ही कई अन्य वन्य जीव विचरण करते हैं। इस बार हुई अत्यधिक बर्फबारी के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फ जमी है, जिससे वन्य जीव निचले क्षेत्रों की ओर आ गए हैं। इसी का फायदा उठाकर वन्य जीव तस्कर भी वन क्षेत्रों में सक्रिय हो जाते हैं। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि लाइसेंसी बंदूकधारियों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। उच्च अधिकारियों से भी वन चौकियों में कर्मियों की लंबी दूरी की गश्त बढ़ाने के निर्देश मिले हैं।