क्षेत्र पंचायत घाट की त्रैमासिक बैठक शराब विरोधी आंदोलनकारी महिलाओं के विरोध प्रदर्शन के कारण स्थगित हो गई। बैठक में प्रतिभाग करने दूर-दराज के गांवों से पहुंचे ग्राम प्रधानों ने भी महिला संघर्ष समिति का समर्थन कर अंग्रेजी शराब की दुकान के बाहर धरना दिया।
शुक्रवार सुबह 11 बजे ब्लाक सभागार में क्षेत्र पंचायत की बैठक शुरू हुई। बैठक की पिछली कार्रवाई पर चर्चा हो रही थी कि सवा घंटे बाद शराब की दुकान का विरोध कर रही महिलाएं शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए बैठक सभागार में पहुंच र्गइं।
यह देख ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह ने महिलाओं के आंदोलन का समर्थन कर बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी। इसके बाद सभी पंचायत प्रतिनिधि अपनी जगह से उठकर बाहर चले गए। आंदोलनकारी महिलाओं के साथ पंचायत प्रतिनिधि भी शराब की दुकान के बाहर चल रहे धरना स्थल पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
यहां हुई सभा में ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह ने कहा कि सरकार को शराब की दुकानों का आवंटन रद्द कर चमोली जिले में पूर्ण रूप से शराबबंदी कर देनी चाहिए। जिला पंचायत सदस्य गुड्डू लाल ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि शराब का विरोध कर रही महिलाओं के साथ हैं।
जनभावनाओं को देखते हुए उन्होंने घाट बाजार में शराब की दुकान को बंद कर देने की मांग उठाई। बाद में ब्लॉक प्रमुख के माध्यम से सीडीओ को ज्ञापन भी सौंपा गया। इस मौके पर प्रधान संगठन के अध्यक्ष मनोज कठैत, क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, ज्येष्ठ प्रमुख देव सिंह और कनिष्ठ प्रमुख कृपाल सिंह आदि मौजूद थे।
हाईवे जाम की चेतावनी
शराब की दुकान का विरोध कर रही महिला संघर्ष समिति ने छह मई को नंदप्रयाग में बदरीनाथ हाईवे जाम करने की चेतावनी दी। महिलाओं ने इस संबंध में जिला प्रशासन को भी सूचना दी है। समिति की अध्यक्ष रुचि देवी ने कहा कि एक सप्ताह से उनका आंदोलन चल रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है।