बदरीनाथ के ब्रह्मकपाल तीर्थ में पितर तर्पण करते तीर्थयात्री।
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पितृ पक्ष शुरू होते ही बदरीनाथ धाम मेें तीर्थयात्री पितृ तर्पण के लिए पहुंचने लगे हैं। शुक्रवार को बदरीनाथ धाम में 1356 तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ के दर्शन किए, जिनमें से कई तीर्थयात्रियों ने ब्रह्मकपाल में अपने पितृों का तर्पण किया।
बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल का कहना है श्राद्ध व पिंड दान करने से ही पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है। बताया कि इस वर्ष दक्षिण भारत से अधिक तीर्थयात्री पितृ तर्पण के लिए धाम में पहुंच रहे हैं। कहते हैं कि जितना महातम्य बदरी विशाल के दर्शनों का है उतना ही महत्व ब्रह्मकपाल में पितर तर्पण का भी है।
मान्यता है कि पांडवों ने भी ब्रह्मकपाल में पितृ तर्पण और बदरीनाथ के दर्शन कर यहीं से सतोपंथ होते हुए स्वर्ग के लिए प्रस्थान किया था। तभी से यह भूमि पितृों के उद्धार के लिए उपर्युक्त मानी जाती है। यहां पिंड बनाने के बाद उन्हें दूध, घी, दही, पानी, शहद से शुद्ध कर पितृों को अर्पित किया जाता है।