हेलंग में पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के बैराज स्थल पर प्रदर्शन करते उर्गम घाटी के ग्रामीण।
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उर्गम व देवग्राम गांवों को भी प्रभावित श्रेणी में रखने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जल विद्युत परियोजना के बैराज साइड में जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोश जाहिर करते हुए ग्रामीणों ने टीएचडीसी और हिंदुस्तान कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया ।
बृहस्पतिवार को बदरीनाथ हाईवे के हेलंग कस्बे से जल विद्युत परियोजना के बैराज स्थल तक उगर्म घाटी के ग्रामीणों ने जुलूस - प्रदर्शन किया। साथ ही ग्राम पंचायत उर्गम के पंचायती चौक में क्रमिक धरना भी शुरू कर दिया है।
यहां हुई सभा में जोशीमठ प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी ने कहा कि टीएचडीसी ने उर्गम घाटी के अन्य गांवों को तो प्रभावित श्रेणी में रख लिया है, लेकिन उर्गम और देवग्राम गांवों को प्रभावित श्रेणी में नहीं रखा है। उन्होंने कहा कि परियोजना में बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है, जबकि प्रभावितों की अनदेखी की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों ने घाटी के उर्गम-देवग्राम सड़क और सामुदायिक विकास के कार्य शीघ्र शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। बताया कि ग्रामीणों को चारापत्ती का मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर बैराज निर्माण कार्य को रोकने का निर्णय लिया है। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश चंद्र, शंकर सिंह चौहान, भगवती प्रसाद, नर्वदा देवी, पूर्णी देवी, हीरा सिंह आदि मौजूद थे।