‘इस बार भगवान बदरीनाथ के कपाट अमृत योग में खुल रहे हैं। 15 मई की तिथि महाराजा टिहरी की ओर से तय की गई सर्वोत्तम तिथि है। इस तिथि में शुभ संकेत मिल रहे हैं। ’ यह बात उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डा. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने कही। उन्होंने बताया कि चंद्रमास की स्थिति दो प्रकार से देखी जाती है पूर्णिमांत कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तक पूर्णिमांत चांद्रमास प्रचलित है जिसके अनुसार वैशाख कृष्ण पक्ष इस वर्ष 9 अप्रैल से प्रारंभ होकर पूर्णिमा तक यानी 7 मई तक चंद्रमास है। वर्ष 1983, 1991,1994, 2002 और 2010 में मई माह में भगवान बदरीनाथ के कपाट खुले थे। वर्ष 1996 में 25 अप्रैल और 1992 में 30 अप्रैल को कृष्ण पक्ष में भी कपाट खोले गए हैं। प्रथम गवर्नर सम्मान से सम्मानित आचार्य घिल्डियाल बताते हैं कि कपाट खोलते समय चंद्रमा कुंभ राशि का है और द्वार पूजन के समय सन्मुख चंद्रमा सारे दोषों का निवारण करने वाला होता है।