30 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे, लेकिन ऑल वेदर रोड परियोजना कार्य से अस्त-व्यस्त सड़क पर इस बार भी यात्रा किसी चुनौती से कम नहीं होगी। लगातार मौसम खराब रहने से एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग बुनियादी ढांचा विकास) का कार्य पिछड़ गया है।
बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ भूस्खलन जोन पर सुधारीकरण कार्य ठंड के चलते अधूरा पड़ा है। विष्णुप्रयाग, पांडुकेश्वर, हनुमानचट्टी और रड़ांग बैंड साइड में भी ऑल वेदर रोड का कार्य धीमा चल रहा है। हनुमानचट्टी से आगे हाईवे पर बर्फ होने से चौड़ीकरण कार्य ठप पड़ा है। पीपलकोटी से हेलंग (15 किमी) और कर्णप्रयाग से नंदप्रयाग (22 किमी) के बीच कई जगहों पर हाईवे पर हिल कटिंग कार्य अधूरा पड़ा है। भूस्खलन क्षेत्र पाताल गंगा में 80 मीटर लंबी टनल का निर्माण कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन बारिश की वजह से टनल निर्माण कार्य बीस फीसदी भी नहीं हो पाया है। सोनला से नंदप्रयाग के बीच इन दिनों चट्टानों को तोड़ने का काम चल रहा था, लेकिन बारिश के कारण जेसीबी कार्य नहीं कर रही है। एनएचआईडीसीएल के डीजीएम मोहन लाल थापा का कहना है कि हिल कटिंग, नाली निर्माण साथ-साथ चल रहा है। डीएम स्वाति एस भदौरिया का कहना है कि कई जगहों पर हिल कटिंग कार्य प्रगति पर है। 31 जनवरी को एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों के साथ परियोजना की समीक्षा बैठक की जाएगी।