रास्ते बंद, कृषि भूमि नष्ट और अतिक्रमण के कारण नहीं ला पा रही थीं चारापत्ती
संवाद न्यूज एजेंसी-
गोपेश्वर। दशोली ब्लॉक के कौंथ पोथनी गांव की महिलाओं ने वन पंचायत की भूमि पर किए गए पांच लोगों के अतिक्रमण को हटाया। 12 अगस्त को क्षेत्र में पहुंची अलकनंदा वन प्रभाग और तहसील अधिकारियों की टीम ने अतिक्रमणकारियों को तीन दिन में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा। इसके साथ ही इन दिनों कौंज पोथनी क्षेत्र में सड़कें जगह-जगह ध्वस्त हैं, कृषि भूमि नष्ट हो गई है जिससे महिलाओं के सामने चारापत्ती की समस्या हो गई थी। ऐसे में महिलाओं ने खुद ही वन पंचायत की भूमि से अतिक्रमण हटा दिया।
18 अगस्त को महिला मंगल दल अध्यक्ष दीपा देवी और सरपंच सरिता देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने एक बैठक कर वन पंचायत की भूमि पर जगह-जगह हुए अतिक्रमण को हटाने का निर्णय लिया था। रविवार को सुबह नौ बजे गांव की महिलाएं एकत्रित हुईं और गांव के समीप ही पांच जगहों पर किए जा रहे अतिक्रमण को हटाया। इसके बाद महिलाओं ने यहां से चारापत्ती का कटान किया। महिला मंगल दल अध्यक्ष दीपा देवी और आशा कठैत ने बताया कि कृषि भूमि के नष्ट होने से चारापत्ती का संकट गहरा गया था जिसके बाद अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया। यदि इसके बाद भी अतिक्रमण हुआ तो उसे भी हटाया जाएगा। इस मौके पर सुरेशी देवी, पुष्पा, मीरा, उर्मिला, सोनिया, मंजू, माहेश्वरी देवी, सरोज, कविता देवी आदि मौजूद रहे।
पोखरी क्षेत्र में 398 अतिक्रमण चिह्नित
पोखरी। हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन की ओर से लोक निर्माण विभाग की भूमि पर किए 398 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इसी क्रम में नगर के 15 फड़ ठेली वालों ने खुद ही अतिक्रमण हटाया। व्यापार मंडल के ब्लॉक अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि लोनिवि ने उन्हें 245 अतिक्रमणकारियों की सूची सौंपी है जिसके बाद नगर में विनायक धार से गोल मार्केट तक 15 फड़ ठेली वालों ने खुद ही अतिक्रमण हटा दिया है। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष संतोष चौधरी ने कहा कि अब इन व्यापारियों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन को इनके लिए दुकानों की व्यवस्था करनी चाहिए। उधर लोनिवि के सहायक अभियंता केके सिंह ने बताया कि पोखरी में सरकारी भूमि पर 398 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। जैसे-जैसे आदेश मिलेगा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। संवाद