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Chamoli News: डुमक के ग्रामीणों की मुराद जल्द होगी पूरी, सड़क को शासन ने दी हरी झंडी

Wed, 05 Feb 2025 10:54 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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गोपेश्वर। चमोली जनपद के सबसे दूरस्थ गांव डुमक तक सड़क पहुंचने की उम्मीद जगी है। शासन ने सैंजी लगा-मैकोट-डुमक-कलगोठ (32 किमी) सड़क से डुमक गांव को जोड़ने के लिए वित्तीय स्वीकृति दे दी है।

डीएम ने बताया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सड़क निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति पर सहमति बन गई है। जल्द शासनादेश भी जारी हो जाएगा। वर्ष 2007-08 में सैंजी लगा मैकोट-डुमक कलगोठ सड़क निर्माण के लिए शासन से स्वीकृति मिली थी।
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इसके लिए पीएमजीएसवाई पोखरी को 15 करोड़ 85 लाख रुपये भी स्वीकृत हुए थे। विभाग की ओर से वर्ष 2018 में स्यूंण गांव तक करीब 19 किमी सड़क की हिल कटिंग की गई। इसके बाद 12 किलोमीटर सड़क का निर्माण शेष बच गया। पीएमजीएसवाई ने स्यूंण से डुमक गांव के बीच भूस्खलन क्षेत्र होने की बात कहकर सड़क का निर्माण डुमक के बजाय सीधे कलगोठ गांव तक करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जिसका डुमक के ग्रामीणों ने विरोध किया।

ग्रामीणों ने वर्ष 2010 में डुमक से कलगोठ गांव के बीच हुए एलाइनमेंट पर ही सड़क निर्माण की मांग उठाई। इसके लिए आठ बार का भूगर्भीय सर्वे भी हुआ। अब शासन ने 2010 के एलाइनमेंट पर ही सड़क निर्माण को अपनी स्वीकृति दे दी है। बताया कि उक्त बैठक पहले भी दो बार स्थगित हो चुकी है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंगलवार को डुमक-कलगोठ सड़क निर्माण को लेकर बैठक हुई है। ग्रामीणों की मांग के अनुरूप 2010 के एलाइनमेंट पर ही सड़क निर्माण होने और वित्तीय स्वीकृति पर सहमति बन गई है। अभी मौखिक रूप से वित्तीय स्वीकृति मिली है। जल्द इसका लिखित आदेश भी मिल जाएगा। - संदीप तिवारी, जिलाधिकारी, चमोली

जिलाधिकारी ने की मजबूत पहल

डुमक गांव को सड़क से जोड़ने के लिए जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने मजबूत पहल की। अभी तक डुमक गांव के ग्रामीणों के आंदोलन के बाद पीएमजीएसवाई के अधिकारी गांव में पहुंचकर उन्हें सड़क निर्माण का आश्वासन ही दे रहे थे, लेकिन जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने ग्रामीणों की मांग को प्रमुखता से शासन के सम्मुख रखा जिसके बाद मांग के अनुरूप डुमक से कलगोठ तक 115 दिन तक क्रमिक अनशन चला
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गांव को सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने छह साल तक चरणबद्ध आंदोलन किया। वर्ष 2024 में वर्षभर आंदोलनों का दौर चला। ग्रामीणों ने 115 दिन तक क्रमिक अनशन किया। यह अनशन कलेक्ट्रेट परिसर तक चलता रहा। संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भंडारी, संरक्षक प्रेम सिंह सनवाल, अंकित भंडारी, युमंद अध्यक्ष अनिरुद्ध सनवाल और सोबन सिंह नेगी ने कहा कि यह जनता के संघर्ष की जीत है। स्यूंण से डुमक गांव के बीच शेष बची सड़क का निर्माण भी जल्द हो। 7 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए शासन से वित्तीय स्वीकृति पर सहमति बनी है।
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