जोशीमठ-मलारी हाईवे पर मलारी से नीती गांव के लिए हो रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य से सीमांत गांवों के भोटिया जनजाति के ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि काली मंदिर के समीप हाईवे पर धौली गंगा किनारे करीब 500 मीटर का डायवर्जन किया गया है लेकिन इन दिनों नदी का जलस्तर बढ़ जाने से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
मलारी गांव के धर्म सिंह का कहना है कि हाईवे चौड़ीकरण कार्य से गांवों के पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। काली मंदिर के समीप जो डायवर्जन बनाया गया है, वहां अत्यधिक चढ़ाई होने के कारण वाहनों की आवाजाही भी खतरे के बीच हो रही है। उन्होंने हाईवे निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग उठाई है। इधर, ओसिस कंपनी के महाप्रबंधक यशपाल शर्मा का कहना है कि 17 किलोमीटर मलारी-नीती सड़क के चौड़ीकरण का काम तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। काली मंदिर के समीप करीब एक माह में पहाड़ी कटिंग कर हाईवे सुचारु कर दिया जाएगा।