पंच बदरियों में एक आदिबदबरी धाम के कपाट 15 जनवरी (कल) को ब्रह्म मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार और पौराणिक परंपराओं के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
कपाटोद्घाटन के साथ ही यहां सप्ताह भर तक होने वाले धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन भी शुरू होगा। समारोह में मुख्यमंत्री हरीश रावत भी भाग लेंगे।
आदिबदरी नाथ जी के कपाट हर वर्ष पौष माह में बंद करने की परंपरा है। यह कपाट माघ माह में मकर संक्रांति पर खोल दिए जाते हैं। इस वर्ष माघ माह 14 जनवरी को तो है पर मकर संक्रांति का शुभ काल दोपहर के बाद शुरू हो रहा है और दूसरे दिन 15 जनवरी दोपहर तक यह शुभ काल रहेगा लिहाजा श्री आदिबदरी नाथ जी के कपाट 15 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त में खोल दिए जाएंगे।
इसके लिए मंदिर समिति ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी ने कहा कि मंदिर परिसर को डेढ़ क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है।
ये होंगे कार्यक्रम
शुक्रवार को कपाट खुलते ही श्री आदिबदरी नाथ जी का सप्ताह भर तक चलने वाला महाभिषेक कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। कार्यक्रम साढ़े चार बजे ब्रह्म मुहूर्त में शुरू होंगे, जिसमें मंदिर के पुजारी थपलियाल ब्राह्मणों की ओर से सप्तसिंधु जल से भगवान आदिबदरी नाथ के स्नान आदि की प्रक्रियाएं संपादित की जाएंगी।
इससे पूर्व उन्हें पीतांबर परिधान, क्रीट मुकुट से अलंकृत किया जाएगा। पंच ज्वाला आरती उतारने के बाद आदिबदरी नाथ को फल और चौलाई के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा, इसके बाद मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे।