सीमांत क्षेत्रों में सड़क सुविधा न होने का खामियाजा ग्रामीणों को ही भुगतना पड़ रहा है। बुधवार को जोशीमठ क्षेत्र के ह्यूना गांव में एक महिला की तबीयत बिगड़ गई। गांव में सड़क न होने पर युवकों ने उसे पालकी के सहारे सड़क तक पहुंचाया। करीब चार किमी पैदल चलने के बाद वह बदरीनाथ हाईवे पर पहुंचे। उसके बाद महिला को अस्पताल पहुंचाया गया।
स्थानीय निवासी राकेश सिंह भंडारी ने बताया कि जोशीमठ ब्लॉक के ह्यूना गांव की अषाड़ी देवी (55) की अचानक तबीयत बिगड़ गई। गांव के युवकों ने लकड़ी की पालकी बनाई और उस पर अषाड़ी देवी को बैठाया। करीब चार किमी पैदल चलकर युवाओं ने बीमार को सड़क तक पहुंचाया। उसके बाद निजी वाहन से उन्हें जोशीमठ अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल उनका वहां उपचार चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में न सड़क है और न ही स्वास्थ्य सुविधा है। आए दिन युवकों को इस तरह से बीमार को अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।