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वामदलों ने धरना देकर मनाया काला दिवस

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केंद्र सरकार की किसान तथा मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में वामदलों ने 26 मई को काला दिवस के रूप में मनाया। भाकपा, अखिल भारतीय किसान सभा, सीटू, जन संगठन नौजवान, एसएफआई, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन व काले झंडे के साथ धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने कृषि क्षेत्र में लाए गए तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग उठाई।
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गोपेश्वर सहित जोशीमठ, गडोरा, किरुली, घाट, घूनी, बूरा, कर्णप्रयाग, कंडारा, खत्याड़ी, नारायणबगड़, मींग, बैनोली और सुईया गांव में कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने करोना काल में आयकर न देने वाले प्रत्येक परिवारों को प्रतिमाह 7500 रुपये देने, सभी नागरिकों को मुफ्त राशन देने, बेरोजगारी भत्ता देने और कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों को मुफ्त में दवाई, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की सुविधा निशुल्क देने आदि की मांग भी की। इस मौके पर सीआईडीयू के जिला अध्यक्ष मदन मिश्रा, जिला सचिव मनमोहन, किसान सभा के जिला अध्यक्ष राजपाल कन्याल, पुरुषोत्तम सती, ज्योति बिष्ट, डीवाईएफआई के जिलाध्यक्ष कमलेश गौड़, राजेंद्र सिंह नेगी, किसान सभा के उपाध्यक्ष भोपाल सिंह रावत, मोहन सिंह रावत, बस्ती लाल, जनवादी महिला समिति की जिला सचिव गीता बिष्ट, जिला अध्यक्ष पुष्पा किमोठी, ज्ञानेंद्र खंतवाल, नंदन सिंह नेगी, नरेंद्र रावत, कुंवर राम आदि मौजूद थे।
वहीं देवाल, सूया व तलवाड़ी में भी 26 मई को काला दिवस के रूप में मनाया और अपने-अपने घरों में धरना दिया। पार्टी के जिला सचिव भूपाल रावत व पिंडर के सचिव मदन मिश्रा ने तीनों कृषि कानून वापस लेने समेत कई मांगें उठाईं।
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