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Chamoli News: कागभुषंडी क्षेत्र के जंगलों में लगी आग हुई भीषण, ज्योतिर्मठ में फैली धुंध

Tue, 30 Dec 2025 07:11 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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पोखरी में जंगल की आग बुझाने में जुटे वन कर्मी। स्रोत: वन विभाग 
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10 सदस्यीय टीम रवाना, क्षेत्र में पहुंचने में लगेंगे दो से तीन दिन
कई हेक्टेयर वनभूमि नष्ट, वन विभाग हेलिकॉप्टर से निरीक्षण करवाने का कर रहा प्रयास

संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की गोविंदघाट रेंज के अंतर्गत कागभुषंडी के जंगल में लगी आग भीषण हो गई है। आग से कई हेक्टेयर वनभूमि नष्ट हो चुकी है। पूरे ज्योतिर्मठ क्षेत्र में धुआ फैला हुआ है। वन विभाग की ओर से आग बुझाने के लिए टीम भेजी गई है लेकिन विषम भौगोलिक परिस्थिति वाले इस क्षेत्र में टीम को पहुंचने में दो से तीन दिन लग जाएंगे। वन विभाग क्षेत्र ने हेलिकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करवाने के लिए उच्चाधिकारियों से संपर्क किया है।
कागभुषंडी क्षेत्र के जंगल में रविवार देर शाम को अचानक आग लग गई। आग बुझाने के लिए सोमवार को नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की टीम मौके लिए रवाना हुई लेकिन यह क्षेत्र विषम भौगोलिक परिस्थिति वाला है। वहां जाने के लिए टीम को अलकनंदा नदी को पार करना पड़ता लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण टीम इसे पार नहीं कर पाई। मंगलवार को वन विभाग ने 10 सदस्यीय टीम को रवाना किया है। यह टीम गोविंदघाट से भ्यूंडार होते हुए कागभुषंडी क्षेत्र में पहले ऊपर चढ़ेगी उसके बाद दूसरी तरफ से नीचे उतरेगी। ऐसे में टीम को पहुंचने में दो से तीन दिन लग जाएंगे। भीषण रूप ले चुकी आग ने जंगल के बड़े हिस्से को अपने चपेट में ले लिया है। बांज, देवदार सहित कई प्रजाति के पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचा है।
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कैसे लगी आग, अवैध गतिविधियों की आशंका
- जिस क्षेत्र में कोई नहीं रहता, जहां पहुंचने के लिए वन विभाग को दो से तीन दिन लगेंगे वहां अचानक आग कैसे लग गई। किसने आग वहां लगवाई। वहीं क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की भी आशंका जताई जा रही है। अक्सर सर्दियों में वन्यजीव तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। यह क्षेत्र हेमकुंड साहिब व फूलों की घाटी के मार्ग पर पड़ता है। कपाट बंद होने के कारण भ्यूंडार से आगे मानव गतिविधियां बंद हैं। मानव गतिविधियां बंद होने से तस्करों के लिए छिपना आसान हो जाता है। संवाद

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कोट
- 10 सदस्यीय टीम को दूसरे मार्ग से भेजा गया है। उन्हें मौके पर पहुंचने में दो से तीन दिन लग सकते हैं। हेलिकॉप्टर से क्षेत्र के निरीक्षण के लिए उच्चाधिकारियों से बात की है, ताकि वास्तविक स्थिति पता चल सके। आग लगने के प्राकृतिक कारण भी हो सकते हैं और अवैध गतिविधि भी हो सकती है। वन्यजीवों के चलने पर पत्थर गिरने से चिंगारी निकलती हैं इससे भी आग लग सकती है। टीम मौके के लिए गई है। वहां पहुंचने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। - अभिमन्यु, डीएफओ नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क ज्योतिर्मठ।


ज्योतिर्मठ में विजिबिलिटी हुई कम



- वनाग्नि के धुएं से पूरे ज्योतिर्मठ क्षेत्र में धुआं फैल गया है। इससे यहां विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है। नए साल का जश्न मनाने आ रहे पर्यटकों को हिमालय से लेकर अन्य चोटियां नहीं दिखीं। क्षेत्र में हृदय रोगियों को धुएं से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नवीन और पंकज ने बताया कि धुएं के कारण कई लोगों को खांसी होने लगी है। संवाद

तीन जंगलों की आग बुझी, तीन जगह प्रयास जारी
पोखरी। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की नागनाथ रेंज के अंतर्गत पोखरी के जंगलों में भी दो दिन से आग लगी हुई है। वन विभाग की टीम ने ऐला, पतरोली और लखड़ी के जंगल की आग को बुझा दिया है जबकि डांडागैर, कलसीर और डांडा के जंगल में लगी आग को बुझाने में वन कर्मी लगे हुए हैं। वनक्षेत्राधिकारी नवल किशोर ने बताया कि अभी तक आग से करीब दो हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है। अन्य जगह की आग को भी जल्द नियंत्रित कर लिया जाएगा। संवाद
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इंसेट
अब देवलधार गांव के जंगल में भड़की आग
गोपेश्वर। मंडल घाटी के देवलधार गांव के जंगल में मंगलवार को शाम छह बजे आग भड़क गई। देखते ही देखते आग तेजी से फैल रही है। यहां संरक्षित प्रजाति के बांज, अतीस व अन्य प्रजाति के पेड़-पौधे हैं। बारिश न होने के कारण यहां सूखी घास के कारण तेजी से आग फैल रही है। यदि आग पर काबू नहीं पाया गया तो यह सुदूर बुग्याल क्षेत्र तक पहुंच जाएगी। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे ने बताया कि आग बुझाने के लिए कर्मियों की टीम भेज दी गई है। संवाद

पोखरी में जंगल की आग बुझाने में जुटे वन कर्मी। स्रोत: वन विभाग 

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