चमोली में अमरपुर-कम्यार मोटर मार्ग पर मलबा गिरने से इस तरह पैदल आवाजाही कर रहे ग्रामीण।
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पीपलकोटी में अमरपुर-कम्यार मार्ग पर छह माह पहले बनाए गए पुश्ते एक बरसात भी नहीं झेल पाए। इस सात किलोमीटर मार्ग पर कई जगहों पर पुश्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कई पैदल मार्ग मलबे में दब गए हैं।
प्रदीप सिंह नेगी, दीपक सिंह, भगत सिंह, आशीष सिंह, भूपेंद्र फर्स्वाण और सूरज का कहना है कि लोनिवि से पहले ही पुश्तों की घटिया गुणवत्ता की शिकायत की गई थी, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। पुश्तों के टूटने से गांवों को जोड़ने वाले पैदल रास्ते भी मलबे में दफन हो गए हैं। बदरीनाथ हाईवे पर गडोरा से अमरपुर, रैतोली, नरगोली और कम्यार गांव को यातायात से जोड़ने के लिए वर्ष 2016 में सड़क बनी थी जिस पर आज तक वाहन नहीं चल सके हैं। दो किलोमीटर सड़क की हिल कटिंग भी नहीं हुई है। लोगों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार की ओर से पुश्तों के निर्माण में पत्थरों के बजाय मिट्टी का भरान किया गया है। इधर, लोनिवि के ईई धन सिंह रावत का कहना है कि जहां-जहां पुश्ते टूटे हैं वहां ठेकेदार की ओर से पुश्ते लगाए जाएंगे। सड़क से मलबा हटाने के लिए जेसीबी लगाई गई है। ब्यूरो