ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की भूमि हस्तानांतरण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। प्रक्रिया के तहत शनिवार को रेलवे, राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों से लाइन के अंतिम स्टेशन सिवाई से संयुक्त सर्वे शुरू की, जिसके तहत लाइन निर्माण में अधिगृहण होने वाली सिविल, वन और निजी भूमि का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने दावा किया कि जल्द रिपोर्ट को रीजनल इंपावर्ड कमेटी के सामने रखी जाएगी।
शनिवार को वन विभाग के कंजरवेटर एमएस नेगी, रेल विकास निगम के संयुक्त महाप्रबंधक सुमित जैन, चमोली के एडीएम डा. एके बर्नवाल ने प्रस्तावित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सिवाई में बनने वाले रेलवे स्टेशन के लिए प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया, जबकि गौचर के भटनगर से सीधे सिवाई तक बनने वाले टनल का जायजा भी लिया।
राजस्व विभाग ने रेल लाइन के निर्माण में अधिगृहीत होने वाली वन, सिविल, वन पंचायत सहित निजी भूमि की पूरी जानकारी रेल विकास निगम और वन विभाग के अधिकारियों को दी। इस दौरान गौचर में बनने वाले मलबा निस्तारण केंद्र और भटनगर में बनने वाले स्टेशन का जायजा भी अधिकारियों ने लिया।
रेल विकास निगम के संयुक्त महाप्रबंधक सुमित जैन ने कहा कि अप्रैल अंत तक कमेटी की बैठक होगी, जिसमें रेल विकास निगम को हस्तांतरित होने वाली वन, सिविल, निजी सहित अन्य प्रकार भी भूमि पर चर्चा होगी।
कंजरवेटर एमएस नेगी ने बताया कि रेल लाइन के सिवाई से लेकर ऋषिकेश तक आने वाले भूमि के निरीक्षण के बाद रिपोर्ट कमेटी को दी जाएगी। इस मौके पर वन विभाग के रेंजर आरके निराला, रेलवे के गोविंद प्रसाद आर्य, राजस्व उपनिरीक्षक जगदीश ओलिया मौजूद थे।