उर्गम घाटी में स्थित प्राचीन फ्यूंलानारायण मंदिर के कपाट रविवार को विधिविधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। भगवान फ्यूंलानारायण की उत्सव डोली शाम पांच बजे भर्की गांव पहुंच गई है। यहां पर दो दिवसीय मेला आयोजित किया जाएगा।
भर्की गांव से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित भगवान फ्यूंलानारायण के कपाट श्रावण मास में 19 जुलाई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए थे। रविवार को पंचनाम देवताओं के पुजारी अब्बल सिंह पंवार ने बालभोग और राजभोग लगाने के बाद कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू की। पूजा अर्चना के बाद हवन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। पूजा-अर्चना के बाद विधि विधान से सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। इस मौके पर मेला कमेटी भर्की के सचिव रघुवीर सिंह चौहान, चंद्रमोहन सिंह पंवार, महिला मंगलदल अध्यक्ष रामा देवी, ग्राम प्रधान मंजू देवी, राजेश्वरी देवी, उपप्रधान आरती देवी, राजेंद्र पंवार, रामचंद्र सिंह, दर्शन सिंह, रघुवीर चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।