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Chamoli News: 25 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे बदरीनाथ के कपाट

Thu, 02 Oct 2025 05:38 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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विजयदशमी पर तय की गई तिथि, 21 नवंबर से शुरू होंगी पंच पूजाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए 25 नवंबर को दोपहर दो बजकर 56 मिनट पर बंद कर दिए जाएंगे। बृहस्पतिवार को विजयदशमी पर कपाट बंद होने की तिथि घोषित की गई।
विजयदशमी (दशहरा) पर बदरीनाथ मंदिर परिसर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें बीकेटीसी के पदाधिकारी, तीर्थपुरोहित, हकहकूकधारी व श्रद्धालु मौजूद रहे। धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट और अमित बंदोलिया ने पंचांग गणना कर बदरीनाथ के कपाट बंद होने की तिथि तय की। इसके बाद बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी ने कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा करते हुए बताया कि इस साल बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए 25 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से पहले होने वाली पंच पूजाएं 21 नवंबर से शुरू होंगी।
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इस दौरान बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित व बीकेटीसी सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, महेंद्र शर्मा, प्रह्लाद पुष्पवान, देवी प्रसाद देवली, नीलम पुरी, बदरीनाथ के प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ और सुधाकर बाबुलकर आदि मौजूद रहे।

हकहकूकधारियों को भेंट की पगड़ी
- बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आगामी 2026 की यात्रा के लिए हकहकूकधारियों को पगड़ी भेंट की और सभी थोकों के पदाधिकारियों को सम्मानित किया। हेमंत द्विवेदी ने भंडारी थोक से मनीष भंडारी, मेहता थोक से महेंद्र सिंह मेहता व दिनेश भट्ट, कमदी थोक से कुलभूषण पंवार को पगड़ी भेंट की।


30 लाख से अधिक कर चुके हैं बदरी-केदार के दर्शन
- बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आपदा के बाद दूसरे चरण की यात्रा के लिए अभी एक माह का समय शेष है। आपदा के बावजूद अभी तक बदरीनाथ धाम में 14 लाख 20 हजार 357 तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं। केदारनाथ धाम में 16 लाख दो हजार 420 श्रद्धालु दर्शन कर पहुंच चुके हैं। इस तरह दोनों धामों में अभी तक 30 लाख 22 हजार 777 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं।
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इस तरह चलेगा पंज पूजाओं का कार्यक्रम
- 21 नवंबर को गणेश की पूजा होगी और शाम को भगवान गणेश मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
- 22 को आदि केदारेश्वर मंदिर और शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होंगे।
- 23 को खड़क-पुस्तक पूजन और वेद ऋचाओं का वादन बंद हो जाएगा।
- 24 को मां लक्ष्मी को कढ़ाई भोग चढ़ाया जाएगा।
- 25 नवंबर को बदरीनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
- 26 नवंबर को उद्धव, कुबेर, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी शीतकालीन प्रवास पांडुकेश्वर व नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ के लिए प्रस्थान करेगी।


इस साल की यात्रा का भी हो जाएगा समापन
- 25 नवंबर को जैसे ही बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे उसी के साथ इस साल की तीर्थयात्रा का भी समापन हो जाएगा क्योंकि अन्य धामों के कपाट उससे पहले बंद हो रहे हैं। केदारनाथ धाम और यमुनोत्री के कपाट भैयादूज पर 23 अक्तूबर को बंद होंगे। गंगोत्री के कपाट अन्नकूट गोवर्धन पूजा के दिन 22 अक्तूबर को बंद हो जाएंगे। द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट 18 नवंबर, चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के 17 अक्तूबर और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट छह नवंबर को बंद कर दिए जाएंगे।
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