फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘आने वाला समय वेद, संस्कृत और योग का’

विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड संस्कृत अकादमी हरिद्वार की ओर से आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता का बुधवार को शुभारंभ हुआ। दो दिनों तक होने वाली प्रतियोगिता में वरिष्ठ और कनिष्ठ वर्ग में छह प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।
विज्ञापन

राइंका गोपेश्वर के सभागार में राजकीय महाविद्यालय घाट के प्राचार्य डा. केएल बरमोला ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय वेद, संस्कृत और योग का है। संस्कृत के शब्द भंडार की संख्या संसार की अन्य भाषाओं की तुलना में कई गुना अधिक है। प्रतियोगिता के जिला संयोजक ऋषिराम बहुगुणा ने संस्कृत को व्यवहार में लाने का आह्वान किया। संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ के प्राचार्य राम दयाल मैंदोली ने कहा कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य संस्कृत भाषा को मुख्यधारा में लाना और युवा पीढ़ी को संस्कृत भाषा से जोड़ना है। स्पर्धा में जिले के राबाइंका नारायणबगड़, गोपेश्वर, घाट, राइंका पांडुकेश्वर, सिमली, ग्वाड़-देवलधार, कन्या विद्यालय नैग्वाड़, सरस्वती विद्या मंदिर देवाल, डिम्मर, राइंका बैरागना, बैरासकुंड, बछुवावाण, नंदप्रयाग, टंगसा, एसजीआरआर गोपेश्वर की टीमें प्रतिभाग कर रही हैं। दो दिनों तक होने वाली प्रतियोगिता में वरिष्ठ और कनिष्ठ वर्ग में छह प्रतियोगिताएं होंगी। इस मौके पर पीजी कॉलेज गोपेश्वर के प्रवक्ता डा. मिथिलेश कुमार, राजेंद्र सिंह भंडारी, एसपी खंडूड़ी, पूर्व प्रधानाचार्य भगीरथ बिष्ट, केएस रावत, भास्करानंद डिमरी, नरेंद्र बहुगुणा, केशव मोहन, लक्ष्मी प्रसाद मलगुड़ी, दिनेश अंथवाल, डा. सुमन ध्यानी और एसपी सती आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें