क्षेत्र पंचायत जोशीमठ की बीडीसी बैठक में जनप्रतिनिधियों ने पीएमजीएसवाई के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीण क्षेत्रों में खस्ताहाल में पहुंची सड़कों को लेकर गुस्साएं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विभाग के अधीन की सड़कें जानलेवा बनी हुई हैं।
शुक्रवार को विकास खंड सभागार में जनप्रतिनिधियों के प्रदर्शन के चलते करीब आधे घंटे बाद ब्लॉक प्रमुख प्रकाश रावत की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। ब्लॉक प्रमुख ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को मांगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद जनप्रतिनिधि शांत हुए। बैठक शुरू होते ही जनप्रतिनिधियों ने पीएमजीएसवाई की सड़कों पर चर्चा करने की मांग उठाई।
प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी ने कहा कि पीएमजीएसवाई की ओर से निर्मित सड़कें वाहनों के चलने लायक नहीं हैं। वहीं उर्गम के क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश कुमार ने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार न मिलने की शिकायत की।
गणांई के प्रधान बनवारी लाल ने गांव के पुनर्वास की मांग उठाई तो लाता के प्रधान राजमती देवी ने लांजी-पोखनी मोटर मार्ग की स्थिति सुधारने की मांग की। थैंग के बीडीसी सदस्य धर्मेंद्र नेगी ने ग्राम पंचायत थैंग में वन पंचायत के गठन न होने की बात कही। जबकि टंगणी तल्ली की प्रधान कविता डंगवाल ने कहा कि गांव में संपर्क मार्ग व अन्य विकास कार्य किए गए, लेकिन कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कार्यों की जांच की मांग की।
ढाक की बीडीसी सदस्य विद्या देवी ने गांव में पेयजल लाइन निर्माण न किये जाने पर नाराजगी जताई। पंचायत प्रतिनिधियों ने ब्लॉक के लिए मिलने वाले बीएडीपी (बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्लान) के बजट को तीन करोड़ से बढ़ाकर दस करोड़ करने और योजना से ब्लॉक के समस्त गांवों को आच्छादित करने का प्रस्ताव रखा।