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कार्यों से विरत रहे अधिवक्ता, प्रदर्शन किया

Fri, 31 Mar 2017 09:02 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, गोपेश्वर
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विधि आयोग की ओर से प्रस्तावित अधिवक्ता अधिनियम (संशोधन) विधेयक के विरोध में जिला बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने विधेयक के विरोध में बार संघ कार्यालय प्रांगण में प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। अधिवक्ताओं ने विधि आयोग की सिफारिशों को काला कानून करार दिया।
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बार कौंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर बार संघ सभागार में बैठक करने के बाद जिले के अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए बार संघ के अध्यक्ष नंदन सिंह बिष्ट ने कहा यदि अधिवक्ताओं के मूलभूत अधिकारों का हनन किया गया तो केंद्र सरकार को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश पुजारी, बार संघ के सचिव रितेश बगवाड़ी, रैजा चौधरी, भरत सिंह रावत, समीर बहुगुणा, सोबन सिंह बिष्ट, धूम सिंह नेगी, भवान सिंह चौहान, ज्ञानेंद्र खंतवाल, सतीश सेमवाल, राजेश्वरी रावत, राजेंद्र सिंह नेगी और प्रकाश भंडारी आदि मौजूद थे।

हड़ताल पर रहे अधिवक्ता
कर्णप्रयाग (ब्यूरो)। अखिल भारतीय बार कौंसिल के आह्वान पर कर्णप्रयाग के अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। इस दौरान बार संघ अध्यक्ष रवींद्र पुजारी की अध्यक्षता में बैठक भी हुई। बैठक में संघ के महामंत्री भुवन नौटियाल, अशोक डिमरी, जगदीश पुरोहित, सुरेंद्र रावत, राजेंद्र नेगी, रणवीर कंडवाल, सतीश गैरोला, दिनेश थपलियाल, केपी सती, डीएस बिष्ट और दिनेश नैनवाल आदि शामिल थे।
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आयोग की सिफारिश के विरोध में कार्य बहिष्कार
नई टिहरी। विधि आयोग की सिफारिशों के विरोध में ऑल इंडिया बार काउंसिल के आह्वान पर जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों ने पूर्ण रूप से बहिष्कार किया। उन्होंने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा कि आयोग ने अधिवक्ता अधिनियम में अधिवक्ताओं के हितों के विपरीत संशोधन की सिफारिश की है। इससे आने वाले दिनों में अधिवक्ताओं को दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को आयोग की सिफारिशों को नहीं मानना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में बार के अध्यक्ष सीपी चंद, सचिव रतनमणी थपलियाल, दिनेश सेमवाल, जयप्रकाश पांडेय, शांति प्रसाद भट्ट, महावीर उनियाल, अनिल शर्मा, स्वराज पंवार, आनंद सिंह बेलवाल, विवेक बधानी, मृदुला जैन, बीना सजवाण आदि शामिल थे।


न्यायिक कार्यों से विरत रहे अधिवक्ता
उत्तरकाशी (ब्यूरो)। यहां भी अधिवक्ता केंद्र सरकार की ओर से एडवोकेट्स एक्ट में संशोधन प्रस्ताव लाने के विरोध में न्यायिक कार्यों से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने कहा कि एडवोकेट्स एक्ट में संशोधन अधिवक्ताओं के हित में नहीं है। विरोध करने वालों में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आलेंद्र सिंह बिष्ट, बदरी प्रसाद नौटियाल, वीरेंद्र मटूड़ा, हरीश थपलियाल, सुरेश नौटियाल, अखिलेश भट्ट और आशीष सेमवाल आदि शामिल थे।
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