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शिक्षक भाष्करानंद ने गरीब बच्चों को पढ़ाकर दिलाई मंजिल

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शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए चयनित राजकीय इंटर कॉलेज सिमली में हिंदी/संस्कृत के प्रवक्ता भाष्करानंद डिमरी पिछले कई वर्षों से स्कूल की छुट्टियों में गरीब और मेधावी छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पढ़ा रहे हैं। ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन अवकाश के दौरान उनकी कक्षाएं में पंचायत घर में लगती हैं। इसी का नतीजा रहा है कि वर्ष 2005 से राइंका सिमली का हिंदी व संस्कृत का परीक्षा परिणाम सौ प्रतिशत रहा है।
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राइंका सिमली के प्रवक्ता भाष्करानंद डिमरी पिछले छह वर्षों से अनुसूचित जाति के गरीब बच्चों की शिक्षा में आर्थिक मदद भी कर रहे हैं। स्कूल में पढ़ने वाली कृतिका और सोनी को वह कक्षा छह से 500 रुपये प्रतिमाह फीस आदि के लिए सहायता देते आ रहे हैं। कृतिका और सोनी इस वर्ष कक्षा 12 में पढ़ रही हैं। कॉलेज की लाइब्रेरी में उन्होंने अपने संसाधनों से ज्ञानवर्द्धक पत्रिकाएं और अन्य पुस्तकें जुटाई हैं। वे अंग्रेजी में बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए भी प्रयासरत हैं। कॉलेज में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए कमरा नहीं था। उन्होंने स्वयं दस हजार रुपये का योगदान देकर टीन शेड बनवाया। शिक्षक डिमरी ने कहा कि इस साल से कक्षा नौ में पढ़ने वाले आयुष और पीयूष को पांच-पांच सौ रुपये प्रतिमाह की आर्थिक मदद वे दे रहे हैं। इसके अलावा बच्चों में स्वच्छता व पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए रैली और गोष्ठियों का आयोजन वे करते रहे हैं। ब्यूरो
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