घाट ब्लाक में नंदाकिनी और चुफलागाड नदी में चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्य में हो रही अनियमितता पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कहा गया कि विभागीय अधिकारियों की ओर से आबादी क्षेत्र को छोड़कर निर्जन क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य करवाए जा रहे हैं, जबकि आबादी क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू ही नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने डीएम को मांग का ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2013 के जून माह में नंदाकिनी और चुफलागाड के कटाव से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे, जबकि आज भी कई भवन असुरक्षित हैं। घाट बाजार पैदल पुल, तहसील परिसर, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस, पंचायत घर उस्तोली के आसपास नदियों के कटाव से खतरा बना है।
इन स्थानों पर अभी तक बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू नहीं हुए हैं, जबकि सिंचाई विभाग की ओर से उन स्थानों पर नदी किनारे चेकडैम और बाढ़ सुरक्षा कार्य करवाए जा रहे हैं, जहां आबादी क्षेत्र नहीं है। डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को शीघ्र मौके पर जाकर वस्तुस्थिति से अवगत कराने और शीघ्र आबादी क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा कार्य करने के भी निर्देश दिए।
इस मौके पर उस्तोली प्रधान संध्या देवराड़ी, सावित्री देवी, सरस्वती देवी, सुशीला, रीना रौतेला, सतेश्वरी, मीना, पवित्रा देवी, रुकमा देवी, सुमन, शाबिया, गीता देवराड़ी, शकुंतला देवी, किशन शाह, कस्तूरा देवी और महेशी आदि मौजूद थे।