गलों में इन दिनों खिला बुरांश प्रकृति के सौंदर्य को लगा रहा चार चांद।
- फोटो : amar ujala.
मध्य हिमालय क्षेत्र में हो रहे जलवायु परिवर्तन का असर अब यहां की वनस्पति पर भी दिखाई देने लगा है। यहां उगने वाला बुरांश जलवायु परिवर्तन के कारण समय से पहले ही खिलने लगा है।
राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में उगने वाला बुरांश अमूमन मार्च (चैत्र) माह के अंत खिलना शुरू होता था, लेकिन बीते कुछ वर्षों से जलवायु में तेजी से हो रहे परिवर्तन के कारण यहां फरवरी (फाल्गुन) माह के मध्य से ही बुरांश के फूल चोपता, बंज्याणी, मंडल, बछेर, निजमुला, ग्वालदम, कनोल, देवाल, थराली क्षेत्रों में खिलने लगे हैं।
समय से पहले बुरांश के फूलों का खिलना जहां स्थानीय लोगों के लिए हैरानी की बात है वहीं वनस्पति विज्ञानियों के लिए यह शोध विषय बन गया है। वनस्पति विज्ञानी डा. मनीष बेलवाल का कहना है कि जलवायु में हो रहे परिवर्तन से भूमि के अंदर भी तेजी से बदलाव आ रहे हैं, जिसके चलते वनस्पतियों के लिए उपयोगी जैव कारकों के चक्र में भी बड़ा बदलाव आया है।
इस बदलाव के कारण यहां उगने वाली वनस्पतियों के जीवन चक्र में भी बदलाव होने लगा है, जिससे यहां कई वनस्पतियां समय से पहले खिलने और समय से पहले मुरझाने का नया चक्र शुरू हो गया है, जो जलवायु में बड़े बदलाव के संकेत हैं। इन बदलावों को समझने के लिए विभिन्न स्तरों पर शोध किए जा रहे हैं।