देवाल। जेठा मशरूम फार्मिंग ने देहरादून के बाद घेस में प्रयोग के रूप में मशरूम उत्पादन का काम शुरू किया है। प्रयोग सफल रहा तो जड़ी-बूटी के उत्पादन के बाद घेस में जल्द ही मशरूम का उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाएगा।
घेस राज्य का पहला गांव है जहां पर कुटकी, कूट, अतीस, जटामासी आदि जड़ी-बूटी का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है। यहां सेब की खेती भी की जा रही है। अब यहां पर मशरूम की खेती भी प्रयोग के रूप में शुरू की गई है। डींगरी मशरूम व बटन मशरूम बाजार में डेढ़ से दो सौ रुपये किलो बिकता है। डींगरी मशरूम का उत्पादन हर मौसम में किया जा सकता है।
घेस गांव के रणजीत सिंह जेठा (जेठा मशरूम फार्मिंग) ने घेस में भी इसकी शुरूआत की। रणजीत सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के कारण उद्योग बंद हुए और लोग बेरोजगार हो गए हैं। अब गांव में ही रोजगार पैदा करना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का आयोजन कर स्थानीय युवाओं को इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। घेस के कुंदन भंडारी ने बताया कि मशरूम के लिए बेहतर वातावरण होने से यहां पर बड़े रूप में मशरूम पैदा की जा सकती है। मशरूम खाने से इम्युनिटी पॉवर भी अच्छी होती है।