चमोली जिले के तीनों कांग्रेसी विधायकों ने कहा है कि सरकार से बगावत करने के लिए उन्हें भी ऑफर दिया गया था। वे जनता के साथ विश्वासघात नहीं कर सकते। वह मजबूती से सरकार के साथ खड़े हैं। कोई भी ताकत उन्हें डिगा नहीं सकती।
कर्णप्रयाग विधायक डा. एपी मैखुरी को पूर्व सांसद और भाजपा नेता सतपाल महाराज का बेहद करीबी माना जाता है। राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि वे भी बागी विधायकों के साथ जा सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
जिले के तीनों विधायक राजेंद्र भंडारी (बदरीनाथ), डा. एपी मैखुरी (कर्णप्रयाग) और डा. जीतराम (थराली) ने मंगलवार को खुलासा किया कि उन्हें भी सरकार के खिलाफ बगावत करने का ऑफर मिला था, लेकिन वे जनता के साथ ऐसा विश्वासघात नहीं कर सकते। उन्होंने चुनाव में जनता से कांग्रेस के नाम पर वोट मांगे थे, लिहाजा ऐसा कोई भी कदम उठाना जनता को दोखा देना है।
सरकार अच्छा काम कर रही थी, जनता की समस्याओं का निदान भी हो रहा था, लेकिन कुछ विधायकों ने निजी स्वार्थ के चलते सरकार से बगावत कर जनता के साथ धोखा किया है। विधायक राजेंद्र भंडारी ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से प्रदेश में कांग्रेस को मजबूती मिली है। बागी विधायकों और भाजपा को जनता मुंहतोड़ जवाब देगी।