रैन के पूर्व क्षेपंस ने एसपी को तहरीर देकर रैन-पलबरा सड़क डामरीकरण घोटाले में अभियंताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जिला योजना के तहत रैन-पलबरा मार्ग के डामरीकरण व सुधारीकरण के लिए 35.70 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। लोनिवि थराली की ओर से 28.88 लाख व्यय दिखाया गया, जबकि डामर नहीं बिछाया गया। सूचना के अधिकार के तहत यह प्रकरण सामने आने पर रैन के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रविंद्र सिंह ने डीएम से मामले में जांच की मांग की थी। डीएम ने इसकी जांच तत्कालीन एसडीएम से करवाई। जांच में एसडीएम ने विभाग के दो ईई सहित आठ अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की थी, लेकिन आरोप तय होने के दो साल के बाद भी दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। एसपी ने एसडीएम को इस बारे में अपनी रिपोर्ट देने को कहा था। एसडीएम सुधीर कुमार ने इस मार्ग का लोनिवि के अभियंता के साथ निरीक्षण भी किया था।