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श्रीदेव सुमन विवि का अपने ही कैंपस पर प्रशासनिक अधिकार नहीं

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स्थापना के एक वर्ष बाद भी श्रीदेव सुमन विवि को गोपेश्वर कैंपस पर प्रशासनिक नियंत्रण नहीं मिल पाया है। यह कैंपस विवि के अधीन है, लेकिन कागजों में इस पर नियंत्रण व सेवा-शर्तें राज्य के उच्च शिक्षा विभाग की चल रही हैं, जिससे छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षक भी असमंजस में हैं। अभी तक यहां शिक्षण व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
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छात्र संघ और जनप्रतिनिधियों की मांग पर वर्ष 2016 में कांग्रेस सरकार ने गोपेश्वर महाविद्यालय को श्रीदेव सुमन विवि का कैंपस बनाने का शासनादेश जारी किया, लेकिन तीन साल तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों ने इसके लिए फिर आंदोलन किया, जिसके बाद 17 अगस्त वर्ष 2019 को सरकार ने दोबारा गोपेश्वर को कैंपस बनाने का शासनादेश जारी किया। 2 नवंबर को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य की मौजूदगी में विवि का दीक्षांत समारोह भी गोपेश्वर कैंपस में आयोजित किया गया। कैंपस स्थापित होने पर राज्य सरकार ने कैंपस में भवन, छात्रावास व इंफ्रास्टेक्चर जुटाने के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया, लेकिन अभी तक यहां शिक्षण व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
क्या कहते हैं कुलपति
विवि का गोपेश्वर कैंपस पर अभी कोई प्रशासनिक नियंत्रण नहीं है। यहां सेवा-शर्तें उच्च शिक्षा विभाग के अधीन चल रही हैं। कैंपस में शैक्षिक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की तैनाती भी शासन स्तर से होनी है। इसको लेकर शासन स्तर पर तैयारी चल रही है। - प्रो. पीपी ध्यानी, कुलपति, श्रीदेव सुमन विवि, नई टिहरी।
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क्या कहते हैं छात्र संघ पदाधिकारी-
विवि का गोपेश्वर कैंपस एक साल बाद भी शिक्षकों की राह देख रहा है। कैंपस में पुस्तकालय के साथ ही अन्य कर्मचारियों की भी कमी बनी है। शीघ्र सरकार को कैंपस का नियंत्रण विवि प्रशासन को देना चाहिए, जिससे सुविधाओं में इजाफा हो सके। - पवनेश रावत, अध्यक्ष, छात्र संघ, गोपेश्वर कैंपस।
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