पालिका क्षेत्र के गांधीनगर, अपर बाजार, मनोहर बाग, सिंहधार और मारवाड़ी में एक सप्ताह से पेयजल किल्लत बनी है, जिससे लोग परेशान हैं। ऐसे में लोग प्राकृतिक जल स्रोतों पर ही निर्भर हैं। पानी के लिए यहां लंबी लाइन लगी रहती है।
जोशीमठ नगर पालिका के नौ वार्डों में 16952 लोग रहते हैं। रोजमर्रा की जरूरत के हिसाब से नगर में पांच एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन नगर को सप्लाई होने वाली तीन पेयजल लाइनों (औली, सुनील और परसारी) पर पानी की मात्रा कम हो गई है।
ऐसे में मौजूदा समय में मात्र तीन एमएलडी पानी ही सप्लाई हो पा रहा है। लोग बदरीनाथ और हेमकुंड की यात्रा शुरू होने के बाद नगर में पेयजल आपूर्ति को लेकर चिंतित हैं।
वीरेंद्र सिंह रावत, अतुल सती, पंकज पुरोहित और कैलाश भट्ट का कहना है कि जल संस्थान की ओर से नगर में बिछाई गई पेयजल लाइन जगह-जगह लीकेज हो रही है, जिससे पानी सड़कों पर बह रहा हैै। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता जेपी जोशी का कहना है कि जोशीमठ नगर से पेयजल किल्लत की कोई सूचना नहीं है। यदि नगर में पेयजल किल्लत बनी है तो इसे दिखवाया जाएगा।
तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित
तीन दिनों से आदिबदरी बाजार में पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिसके चलते लोग आधा किमी दूर तलछीड़ा प्राकृतिक स्रोत से पीने का पानी लाने को मजबूर हैं।
नरेंद्र चाकर, विनोद कुमार आदि ने बताया कि आदिबदरी बाजार तथा मकानों में तलगढ़ स्रोत से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है, लेकिन यहां शुक्रवार से पेयजल आपूर्ति ठप है। यहां स्थित आदिबदरी धाम में दर्शनों के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों, राहगीरों और उपभोक्ताओं को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा यदि शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं की तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।