प्रतिभा को प्रोत्साहन करने के दावे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन सरकारी सिस्टम की ओर से कोई प्रयास दिखाई नहीं देता। यही वजह है कि नेशनल स्कीइंग में रजत पदक जीतने के बावजूद विभाग की ओर से उसे विजेता राशि नहीं मिली। ऐसे में महक को कर्ज लेकर खेलो इंडिया के तहत जम्मू-कश्मीर जाना पड़ा है।
फरवरी महीने में औली में नेशनल स्कीइंग प्रतियोगिता हुई थी, जिसके जूनियर वर्ग में महक ने रजत पदक जीता था, लेकिन पर्यटन विभाग की ओर से विजेताओं को मिलने वाली विजेता राशि उसे नहीं मिल पाई। महक का चयन खेलो इंडिया के तहत उत्तराखंड की टीम में हुआ था। प्रतियोगिता में प्रतिभाग के लिए उसे चार हजार रुपये जमा करने थे लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण और विजेता राशि नहीं मिलने के कारण वह प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने में असमर्थ थी। तब महक की मां सुभद्रा कवांण ने रिश्तेदारों से कर्ज लिया। सुभद्रा बताती हैं कि कुछ पैसे उनके पास थे जबकि शेष रिश्तेदारों से कर्ज लेकर जमा किए। यदि पर्यटन विभाग समय पर विजेता धनराशि दे देता तो यह नौबत नहीं आती। बुधवार को प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए महक और टीम जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गई। उन्होंने कहा कि महक ने अपने दम पर तैयारी करके राष्ट्रीय खेलों में राज्य के लिए रजत पदक जीता था लेकिन विभाग की ओर से कोई मदद नहीं की गई।
खेलो इंडिया के लिए टीम जम्मू-कश्मीर रवाना
जोशीमठ (संवाद)। खेलो इंडिया के तहत औली स्नो स्की एंड स्नोबोर्ड स्कूल की टीम बुधवार को जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गई है। टीम में 13 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में छह से 11 मार्च तक खेल प्रतियोगिता होंगी। औली स्की एंड स्नोबोर्ड के कोच अजय भट्ट का कहना है कि पहली बार स्नो स्कीइंग को खेलो इंडिया में शामिल किया गया है। यहां स्कीइंग, स्नोबोर्ड, क्रास कंट्री आदि प्रतियोगिताएं होंगी।