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कर्णप्रयाग। सामाजिक सद्भाव व्यापार संघ की ओर से आयोजित रामलीला मंचन देखने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। रामलीला मंचन के दूसरे दिन महर्षि विश्वामित्र राक्षसों से यज्ञ की रक्षा करने के लिए महाराजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को उनके आश्रम में भेजने के लिए कहते हैं। इस पर दशरथ मना करते हैं लेकिन महर्षि की ओर से महाराजा को श्रीराम के जन्म के उद्देश्य की जानकारी देने पर वह राम और लक्ष्मण को उनके साथ भेज देते हैं। विश्वामित्र अपने आश्रम में तप करते हैं तो राक्षसी ताड़का, मारीच और सुबाहु उनके तप को विध्वंश करने के लिए आते हैं। श्रीराम ताड़का और सुबाहु का वध कर देते हैं। इस मौके पर व्यापार संघ के अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह मिंगवाल आदि मौजूद रहे। संवाद