महाशिवरात्रि पर्व पर बारिश के बाद भी बोल बम और हर हर महादेव के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने शिव का जलाभिषेक कर पुष्प व बेलपत्र अर्पित किए। भक्तों ने भजन-कीर्तन कर भगवान शिव से धनधान्य का वरदान मांगा।
कर्णप्रयाग में गंगा माता मंदिर, उमा देवी मंदिर, उमा माहेश्वर, सांकरी, जलेश्वर व थाना स्थित शिवालय में भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान नगर के मंदिर भगवान शिव के भजनों से गुंजायमान रहे। डिम्मर में टटेश्वर महादेव व सिमली में चंडिका देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
गौचर। यहां पन्नेश्वर मंदिर पनाई, हवाई पट्टी व भट्टनगर स्थित कालिंका मंदिर, रावल देवता मंदिर व शैल गांव के भैरव देवता मंदिरों में भक्तों की भीड़ जुटी रही। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किए और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
गैरसैंण। शिवालयों में प्रात: पांच बजे से ही भक्तों का तांता लगा रहा। गंगेश्वर महादेव धुुनारघाट, गुप्तेश्वर महादेव सैंजी, झंकारेश्वर महादेव खनसर, खांकर महादेव स्यूंणी मल्ली में शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। गंगेश्वर महादेव में महात्मा तुलसी दास प्रपन्न, पंडित शंभू गौड़, दिवाकर गौड़, गौरव गौड़ ने प्रसाद बांटा। खांकर महादेव स्यूंणी मल्ली में ग्रामीणों ने भंडारे का आयोजन किया। इस दौरान देवेंद्र बिष्ट, राजेंद्र बिष्ट, लीला देवी और धीरज बिष्ट मौजूद रहे।
नारायणबगड़। प्राचीन कमलेश्वर महादेव मंदिर केवर, मृत्युंजय महादेव मंदिर देवधूरा, लव-कुश महादेव मंदिर कुश आदि शिवालयों में शिवभक्तों की भीड़ लगी रही।
कुमाऊं से भी पहुंचे शिवभक्त
थराली। बेतालेश्वर महादेव और बैनोली महादेव मंदिरों में भक्तों की कतार लगी रही। बैनोली मंदिर में भक्तों ने शिव के भजन गाकर नृत्य किया। ग्वालदम से 10 किमी दूर अंग्यारी महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचे। यहां पर कुमाऊं और गढ़वाल से पहुंचे शिव भक्तों ने भोलेनाथ के दर्शन किए। ग्वालदम के नैनेश्वर महादेव में भक्तों ने भगवान शिव के जयकारे लगाए। लोल्टी में बिनसर महादेव में भक्तों की भीड़ लगी रही।