15 दिसंबर को पंच बदरियों में से एक आदिबदरीनाथ के कपाट शाम सात बजे बंद होंगे। कपाट बंद होने के उत्सव को भव्य बनाने के लिए मंदिर समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। समिति की बैठक में तय किया गया कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ कार्यक्रम होगा।
सांस्कृतिक समिति के लिए डा. ताजवर पडियार, साज एवं शृंगार समिति के लिए नंदा सिंह, अनुष्ठान समिति के लिए चंद्रप्रकाश बहुगुणा, व्यवस्था समिति के लिए बलवंत सिंह नेगी और स्वागत समिति की जिम्मेदारी नरेश बरमोला को दी गई।
मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में वरिष्ठ नागरिक नरेंद्र सिंह चाकर ने कहा कि नई पीढ़ी को लोक परंपराओं की जानकारी देने के लिए ऐसे आयोजन जरूरी हैं। मंदिर के कपाट बंद होने के मौके पर शाम साढ़े छह बजे भगवान आदिबदरीनाथ को भोग लगाया जाएगा और शाम साढ़े सात बजे कपाट बंद होंगे।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि होंगे। महोत्सव के दौरान लगने वाले भंडारे की जिम्मेदारी विनोद शाह और हेमेंद्र कुंवर को दी गई। इस अवसर पर समिति के पूर्व अध्यक्ष भुवन बरमोला, सुनील बहुगुणा, बलबीर कुंवर, मुकेश खंडूड़ी, प्योर शाह, विजय खंडूड़ी, बलवंत सिंह, राजेंद्र चमोला और बृजेश कुंवर आदि उपस्थित थे।