मैखुरा गांव के चंडिका मंदिर से शुक्रवार रात चोरी हुई महिषासुर मर्दिनी सहित अन्य देवताओं की मूर्तियां और छत्र पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। चोरी के माल के साथ गिरफ्तार तीन नेपाली मजदूरों को जेल भेज दिया गया है। घटना के बीस घंटों में ही रामनगर से आरोपियों को चोरी की मूर्तियों के साथ पकड़ने पर पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रियदर्शनी ने ढाई हजार का पुरस्कार दिया है।
बता दें कि शुक्रवार को मैखुरा मंदिर से देवी-देवताओं के सिंहासन को खंडित कर अस्सी साल पुरानी अष्टधातु की महिषासुर मर्दिनी की मूर्ति सहित तीन अन्य मूर्तियां चोरी कर ली गई थी। चांदी के छत्र, घंटिया और चांदी की प्लेट भी चोरों ने नहीं छोड़ी। पुलिस ने शनिवार को गांव पहुंचकर ग्रामीणों से घटना के बारे में जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने कुछ दिन पूर्व मंदिर के समीप निर्माण कार्य कर रहे कुछ नेपाली मजदूरों पर संदेह जताया।
कोतवाली निरीक्षक प्रदीप पंत ने बताया कि मजदूरों का मोबाइल नंबर हासिल कर सर्विलांस पर लगाया गया। लोकेशन के आधार पर पुलिस टीमें गठित कर रवाना कर दी गई और शनिवार रात को रामनगर बस अड्डे से अमित बहादुर, राजा गौतम और मुकेश तीनों निवासी नेपाल को गिरफ्तार कर लिया गया।
रविवार को आरोपियों को गोपेश्वर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम में एसओजी प्रभारी मणिभूषण श्रीवास्तव, एसआई अजय रावत, कांस्टेबल अजय चौहान, अखिलेश ममगाईं, सोबन सिंह, किरन कुमार, संतोष और अनिल शामिल थे।
ग्रामीण बोले देवी की शक्ति ने लौटाई मूर्ति
बीस घंटे में ही मूर्तियां बरामद होने से मैखुरा गांव के ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह है। ग्रामीण और मंदिर समिति के सचिव आशाराम मैखुरी, ईश्वरी मैखुरी, भगवती प्रसाद डिमरी आदि ने बताया कि शुक्रवार रात को मूूर्ति चोरी होने के बाद से गांव में उदासी का माहौल था, लेकिन शनिवार सुबह जब मूर्ति बरामद होने की खबर आई तो गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
देवी की शक्ति और लोगों की आस्था का ही प्रतिफल है कि मूर्तियां बरामद हो पाई है। ग्रामीणों ने कहा कि मूर्तियों को दोबारा प्रतिष्ठापित करने के लिए विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में मूर्तियां बरामद करने वाली पुलिस टीम को समारोह में सम्मानित किया जाएगा। रविवार को विधानसभा उपाध्यक्ष डा. एपी मैखुरी भी गांव पंहुचे और घटनास्थल का जायजा लिया।