चमोली जिले के जोशीमीठ ब्लॉक अंतर्गत गणाई गांव के मरीज को ग्रामीणों ने सात किमी पैदल चलकर कुर्सी के सहारे सड़क पहुंचाया। मरीज को अब श्रीनगर रेफर कर दिया गया है।
ब्लॉक का दूरस्थ गांव गणाई आज भी सड़क मार्ग से मीलों दूर है। गांव के जगदीश सती ने बताया कि शनिवार को अवतार सिंह (60) पुत्र दुर्लभ सिंह की हार्ट अटैक आने से तबीयत काफी खराब हो गई। ग्रामीणों ने कुर्सी पर डंडे बांधकर उसे स्ट्रेचर की तरह बनाया और कंधे पर रखकर अवतार सिंह को सात किमी जंगल के रास्ते से होकर पातालगंगा के पास मुख्य सड़क तक पहुंचाया। अवतार सिंह को फिलहाल श्रीनगर हायर सेंटर रेफर किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका गांव आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों के लिए चुनौती रहती है। पैदल चलने में काफी समय लग जाता है, जिससे मरीज की स्थिति काफी बिगड़ जाती है। वहीं पैदल मार्ग भी काफी खतरनाक है। इसमें भूस्खलन का खतरा लगातार बना रहता है, लेकिन वह अपने रोजमर्रा के कामों के लिए इसी रास्ते का प्रयोग करते हैं। गांव में 220 परिवार रहते हैं, लेकिन शासन-प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।