सिवाई के ग्रामीणों में रेल लाइन में अधिग्रहीत होने वाली भूमि का मुआवजा 15 लाख रुपये प्रति नाली देने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों की पूरी उपजाऊ भूमि रेल लाइन में जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में ग्रामीणों के सामने रोजगार का संकट होगा। ग्रामीणों ने सर्किल रेट बढ़ाने की मांग की। उन्होंने इस संबंध में डीएम सहित रेलवे के अधिकारियों को ज्ञापन भेजा।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का सिवाई गांव अंतिम स्टेशन है। यहां करीब 24.619 हेक्टेयर नाप भूमि रेल लाइन के लिए अधिग्रहीत होनी है। ग्रामीणों का कहना है कि रेल लाइन में करीब 150 से अधिक किसानों की भूमि जा रही है।
सिवाई संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, सचिव मदन सिंह रावत, मातबर सिंह रावत आदि ने बताया कि रेल लाइन में आने वाले अन्य गांवों की अपेक्षा सिवाई गांव को नुकसान हो रहा है। कम दरों पर खेती रेल निगम को देने से लोगों के आगे आर्थिक समस्याएं आएंगी।
ग्रामीणों ने कहा कि प्रभावित किसानों को रेल विकास निगम 15 लाख प्रति नाली का मुआवजा दे, जिसके बाद ही भूमि देने पर किसान विचार करेंगे। दूसरी ओर भूमि अधिग्रहण रेल विकास निगम के महाप्रबंधक डा. एके बरनवाल ने बताया कि सभी प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। प्रभावित जिलों के डीएम मामले की रिपोर्ट भेजेंगे।