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रूपकुंड कलामंच के कलाकारों ने मचाई धूम

Sat, 17 Dec 2016 09:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
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programme - फोटो : अमर उजाला
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रौली खेल मैदान में शनिवार से तीन दिवसीय रौली महोत्सव का रंगारंग आगाज हुआ। कृषि मंत्री राजेंद्र भंडारी ने महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सरकार मेलों के माध्यम से ग्रामीणों के कृषि उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से महोत्सव में लगे सरकारी विभागों के स्टॉल लाभ उठाने का आह्वान किया। मेले के पहले दिन रूपकुंड कलामंच के कलाकारों की प्रस्तुतियों की धूम रही।
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रोली महोत्सव के लिए ग्रामीण सुबह से ही पंडाल में जमे हुए थे। महोत्सव में रूपकुंड लोक कला मंच देवाल के कलाकारों की ओर से दी गई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। लोक गायक किशन सिंह दानू पंडाल ने मां नंदा पौंछीगे कैलास, हिट चंदूली घास काटली ऊंचा डांडा..., चल बैजंती घूमि औंला हिंवाली का डांडा..., हीरा समध्याणी जैसे लोक गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। दर्शक देर शाम तक पंडाल में ही जमे रहे।

लोक कलाकारों ने कुमाऊंनी छपेली, पांडव नृत्य, झोड़ा, चांचड़ी और झुमैलो नृत्यों की प्रस्तुति दी। मेले में कृषि, उद्यान, पशुपालन, वन विभाग, समाज कल्याण, बाल विकास सहित स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। कृषि विभाग व उद्यान विभाग ने स्टालों पर कृषि यंत्र, बीज और खाद भी उपलब्ध कराए हैं।
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इस मौके पर बदीरनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की उपाध्यक्ष रजनी भंडारी, जिला पंचायत सदस्य भागीरथी कुंजवाल, कांग्रेस नगर अध्यक्ष अरविंद नेगी, चंद्रकला तिवाड़ी, हरेंद्र सिंह और शैन सिंह आदि मौजूद थे।
फोटो

माता भद्रकाली की शोभायात्रा में उमड़े भक्त

नई टिहरी के प्रतापनगर क्षेत्र के धना गांव की माता भद्रकाली भगवान गोपीनाथ से आज्ञा लेकर अपने क्षेत्र को लौट गई हैं। शनिवार को नगर में निकली माता की शोभा यात्रा में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। बीते 11 दिसंबर से माता भद्रकाली के सानिध्य में गोपीनाथ मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा भी चल रही थी, जो शनिवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुई।

इस दौरान दूर-दराज से पहुंचे भक्तों ने माता भद्रकाली से आशीर्वाद लिया। कथावाचक विहारी लाल सेमवाल ने कहा कि हिमालय क्षेत्र पूर्व से ही देवताओं और ऋषि मुनियों की तपस्थली रही है। इस मौके पर बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अनसूया प्रसाद भट्ट, रैपाल सिंह मिश्रवाण, भगवान सिंह, जयपाल सिंह, अंकित पेन्यूली, विजेंद्र जगूड़ी, गोविंद गोदियाल, प्रवीन सेमवाल, भुवनेश प्रसाद और कमलेश चमोली आदि मौजूद थे।
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