लोगों को चलना पड़ रहा है करीब 10 किमी पैदल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। हाटकल्याड़ी-अठठू-बेराधार सड़क 15 दिन बाद भी नहीं खोली जा सकी है। ऐसे में लोगों को गंतव्य तक जाने के लिए करीब आठ से 10 किलाेमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। लोग राशन और सब्जी आदि सामान खच्चरों से ढो रहे हैं।
हाटकल्याड़ी-अठठू-बेराधार सड़क का 200 मीटर हिस्सा बीते 19 जुलाई को अठठू के पास बह गया था। तब से अब तक यहां न तो सड़क बनाई जा सकी है न ही वैकल्पिक रास्ता तैयार किया गया है। अठठू के प्रधान नंदाबल्लभ मिश्रा ने बताया कि 15 दिनों से सड़क बंद है। विभाग के ईई को सूचना देने के बाद भी जेसीबी नहीं भेजी गई। यहां पहाड़ी काटकर सड़क बनाई जाएगी। वहीं पीएमजीएसवाई के जेई चंद्रभूषण ने बताया कि विभाग के पास देवाल ब्लॉक में एक जेसीबी है जो अभी घेस सड़क से मलबा हटाने में जुटी है। एक-दो दिन में जेसीबी भेजी जाएगी।
तीन माह में उखड़ा सड़क से डामर
थराली/देवाल। डीएम के निर्देश के बाद भी थराली में सड़क पर गड्ढे भरने का काम शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में यहां हादसे का खतरा बना हुआ है। इसी साल अप्रैल माह में इस मोटर मार्ग पर डामरीकरण हुआ था। कुछ समय बाद डामर ही यहां से उखड़ने लगा है। कई बार बच्चे इन गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं। खिलाप सिंह, जय सिंह, संदीप सिंह, शेर सिंह और कमलेश देवराड़ी ने कहा कि तहसील दिवस में डीएम हिमांशु खुराना को समस्या बताई थी तब उन्होंने लोनिवि को जल्द गड्ढे भरने का काम शुरू करने को कहा था लेकिन अभी तक विभाग ने काम शुरू नहीं किया। दूसरी ओर देवाल में कुनारवैंड-घेस-हिमनी सड़क के दोनों ओर की झाड़ियां हटाने व गड्ढों को भरने के लिए ग्रामीणों ने डीएम को पत्र लिखा। संवाद