सोल क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों ने फूंका विधायक का पुतला
कहा, नहीं खोली जा रही सड़क, रतगांव में बहा पुल भी नहीं बना
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। डेढ़ माह से बंद पड़ी सोल क्षेत्र की थराली-डुंग्री सड़क खोलने और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सड़क बंद होने से चार किमी पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। उन्होंने विधायक भूपाल राम टम्टा का पुतला भी फूंका।
सोमवार को सोल क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण थराली-डुंग्री सड़क के हिमन स्थान पर एकत्र हुए। इसके बाद कनिष्ठ उपप्रमुख राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि थराली-डुंग्री सड़क डेढ़ माह से बंद है लेकिन न तो इसे खोला जा रहा है और न ही स्लाइडिंग जोन के ट्रीटमेंट का कोई प्रयास किया गया है। ऐसे में गंतव्य तक जाने के लिए तीनगुना किराया देना पड़ रहा है। जबकि पैदल चार किमी चलना पड़ रहा है। वहीं रतगांव का पुल बहने से साढ़े तीन हजार से अधिक आबादी वाले क्षेत्र का संपर्क थराली तहसील मुख्यालय से एक साल से भी अधिक समय से कटा हुआ है। मगर यहां पर न सड़क ठीक हुई और न पुल बनाया गया। बूंगा स्लाइड जोन से बुरसोल के साथ-साथ अब बूंगा गांव को भी खतरा हो गया है। इस संबंध में कई बार विधायक को ज्ञापन दिया लेकिन आज तक सुध नहीं ली गई। केदारनाथ रूट पर खच्चर चलाने वाले अनिल नेगी की पत्थर गिरने से मौत हो गई थी लेकिन उनके परिवार को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली। प्रदर्शन करने वालों में क्षेत्र पंचायत सदस्य दिलीप गुसाईं, पूनम रावत, दिगंबर देवराड़ी, भरत फर्स्वाण, पृथ्वी सिंह, प्रधान सुंदर लाल, बृजपाल, बलवंत सिंह, दिलबर सिंह और वीरेंद्र सिंह आदि शामिल थे।
कोट
रतगांव के लिए पुल और तीन किमी वैकल्पिक मार्ग का प्रस्ताव शासन में है। भू-धंसाव क्षेत्र के ट्रीटमेंट के लिए पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। साथ ही यहां भी वैकल्पिक मार्ग के प्रस्ताव पर काम किया जा रहा है। वहीं अनिल नेगी का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि आपदा में मृत्यु हुई होगी तो आपदा के नियमों के तहत मुआवजा एवं अन्य कार्रवाई की जाएगी। - भूपाल राम टम्टा, विधायक।