दशोली ब्लाक के मासौं गांव की वर्षों पुरानी सिंचाई नहर पर आखिरकार शनिवार को पानी सप्लाई हो गया है। ग्रामीणों की मांग पर सिंचाई विभाग की ओर से 18 दिनों में छह किमी नहर की मरम्मत कर पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है। नहर पर पानी सप्लाई होने से ग्रामीणों में खुशी है।
वर्ष 1991 में सिंचाई विभाग की ओर से छह किमी मासौं सिंचाई नहर का निर्माण किया गया, लेकिन सिंचाई नहर पर शुरुआत के दो वर्षों में ही सुचारु पानी चला है। तीन सालों से नहर सूखी पड़ी थी। 25 जनवरी को मासौं गांव के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कोठियालसैंण स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय पर प्रदर्शन कर अधिकारियों को मौके पर ले गए।
ग्रामीणों ने नहर पर पानी सुचारु करने की मांग को लेकर डीएम से भी मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। सिंचाई विभाग ने नहर की शीघ्र मरम्मत कर शनिवार को पानी की सप्लाई शुरू कर दी।
विभाग की ओर से नहर की मरम्मत पर करीब 23 लाख खर्च किए हैं। मासौं गांव के पूर्व प्रधान लक्ष्मण सिंह का कहना है कि विभाग की ओर से नहर की मरम्मत की गई, शनिवार को नहर में पानी छोड़ा गया है। अब ग्रामीण अपने खेतों की सिंचाई कर पाएंगे।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अतुल पांडेय का कहना है कि नहर का सुधारीकरण कार्य अभी भी जारी है। हालांकि नहर के शुरुआत में दस दिनों से स्रोत पर युद्ध स्तर पर कार्य करवाया गया। नहर पर पानी की सप्लाई कर दी गई है। नहर की लगातार मॉनीटरिंग की जाएगी।