अमर उजाला फाउंडेशन और वरदान संस्था की ओर से चमोली जिले के दूरस्थ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल में आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में लोगों की भीड़ उमड़ी। सुभारती अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाएं दी। शिविर में 1200 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं बांटी गईं।
शनिवार को शिविर को लेकर सुबह से ही लोगों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। घेस, मानमती, चोटिंग, हरमल, सवाड, बोरागाड, लिंगडी, ओडर, मुंदोली, लोहाजंग, हिमनी, कैल, इच्छोली, पूर्णा नंदकेशरी, चेपडों समेत आस-पास के क्षेत्रों से लोग स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचे।
संसदीय सचिव और स्थानीय विधायक प्रो. जीतराम, वरदान संस्था अध्यक्ष विनोद रावत, प्रभारी सचिव मनोज चंदोला, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि प्रीतम सिंह रावत ने संयुक्त रूप से शिविर का शुभारंभ किया। ब्लॉक प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन के इस प्रयास से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल रही है।
सुभारती अस्पताल के मीडिया अधिकारी सोनू फ्रांसिस ने बताया कि शिविर में 1200 से अधिक लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। सीनियर चिकित्सा अधीक्षक ब्रिगेडियर (डा.) एस महाजन, ऑर्थोपैडिक सर्जन रवि सिंह खनका, सर्जन भुवनेश कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ डा. अंबुज, डेंटिस्ट डा. प्रशांत और त्वचा रोग विशेषज्ञ धर्मेंद्र ने मरीजों का परीक्षण किया। सहायक स्टाफ जसविंदर कौर, आंचल, शैलेष, सपना, शिरिश, राजपाल राजवंशी, सागर थापा, अनिल, संदीप और कुशाल नेगी ने चिकित्सकों का सहयोग किया।
शिविर में इंद्र सिंह राणा, राजेंद्र दानू, हरेंद्र कोटेडी, मनोज कुमार, प्रताप राम, गोविंद सिंह पांगती, सुरेश कुनियाल, दीपक सिंह, पुष्कर फरस्वाण, मोहन राम समेत अन्य स्थानीय लोगों ने सहयोग दिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मनोज कुमार, डा. नवीन डिमरी, एके मिश्रा, हरिराम आर्य ने आयोजन में सहभागिता निभाई।
92 साल की उम्र में पहली बार देखे इतने डॉक्टर
पिछले 92 साल में ऐसा कभी नहीं हुआ जब देवाल में एक साथ इतने डॉक्टर आए हों। यहां तो अस्पताल में बमुश्किल एक या दो डॉक्टर ही होते हैं। इलाज के लिए देहरादून और दूसरी जगहों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
पहली बार देवाल में अलग-अलग बीमारियों के इलाज के लिए इतने डॉक्टर आए हैं। पूर्णा निवासी 92 वर्ष के मंगल राम और उनकी पत्नी शांति देवी के यह शब्द अमर उजाला फाउंडेशन और वरदान संस्था की ओर से आयोजित शिविर की सफलता की कहानी बयां करने के लिए काफी हैं।
92 वर्ष के मंगल राम ने सभी लोगों को दिल खोलकर दुआएं दीं। कमर और हड्डी के करीब 30 वर्ष पुराने दर्द की जांच करवाने दोनों करीब डेढ़ किलोमीटर का पैदल सफर तय करके यहां पहुंचे। चिकित्सकों ने उनकी जांच के बाद जरूरी परामर्श और दवाएं दीं। ऑर्थोपैडिक सर्जन डा. रवि सिंह खनका ने कहा कि बढ़ती उम्र में इस तरह की परेशानियां आम हैं। तब उन्होंने बताया कि पहली बार देवाल में इतने डॉक्टर एक साथ देखे हैं।