लघु सिंचाई विभाग की ओर से जोशीमठ ब्लाक के सूकी भलगांव में भूस्खलन क्षेत्र में सिंचाई नहर का निर्माण किया जा रहा है। नहर निर्माण को लेकर ग्रामीणों से भी वार्ता नहीं की गई। ग्रामीणों ने डीएम से भेंटकर शीघ्र नहर के टेंडर निरस्त कर नहर के लिए प्रस्तावित जगह के स्थलीय निरीक्षण की मांग की।
ग्राम पंचायत सूकी भलगांव के वन सरपंच कनक सिंह, लक्ष्मण बुटोला, विक्रम सिंह, नारायण पाल, देवेंद्र सिंह, कैलाश, कुंदन सिंह और जय सिंह का कहना है कि जहां नहर का निर्माण किया जा रहा है, वहां काश्तकारों की भूमि भी नहीं है। सिंचाई नहर भूस्खलन क्षेत्र में बनाई जा रही है।
ग्रामीणों से नहर निर्माण में कोई सहमति नहीं ली गई है। नहर का जो सर्वेक्षण किया गया है, वहां तीव्र ढलान है, जिससे पहली बारिश में ही नहर नष्ट हो जाएगी।
विभाग की ओर से प्रस्तावित भूमि का भूगर्भीय सर्वेक्षण भी नहीं करवाया गया है। कहा गया कि प्रस्तावित नहर के ठीक नीचे से गांव का पैदल मार्ग है। नहर में अधिक पानी छोड़ा गया तो रास्ता चलने लायक भी नहीं रहेगा।
इससे लगता है कि विभागीय अधिकारियों की ओर से सरकारी धन को ठिकाने लगाने के मनसूबे से यहां नहर निर्माण किया जा रहा है। यदि नहर निर्माण की कार्रवाई नहीं रोकी गई तो ग्रामीण आंदोलन शुरू कर देंगे।