मूल निवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ ने आरक्षित वर्ग को पदोन्नति में आरक्षण को अविलंब लागू करने की मांग उठाई। अंबेडकर भवन में आयोजित बैठक में महासंघ से जुड़े कर्मचारियों व अधिकारियों की समस्याओं पर चर्चा हुई। इस दौरान कई प्रस्ताव भी पारित किए गए।
महासंघ के राज्य महासचिव जंगी रड़वाल ने कहा कि सरकारी, अर्द्ध सरकारी और किसी भी प्राइवेट कंपनी में कार्यरत आरक्षित वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के कर्मचारियों के लिए आबादी प्रतिशत के बराबर कानून बनाया जाए और ओबीसी को सीधी भर्ती के साथ ही पदोन्नति में 52 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की जाए। इस दौरान देशभर में समान शिक्षा प्रणाली लागू करने, सभी जातियों के मजदूर और असहाय परिवारों के बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य का जिम्मा केंद्र सरकार की ओर से उठाने, पुरानी पेंशन योजना शीघ्र शुरू करने, सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, सांसद और विधायकों के पाल्यों को सरकारी विद्यालय में पढ़ने का शासनादेश जारी करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस दौरान संघ की नई कार्यकारिणी का गठन कर महेंद्र सैलानी को अध्यक्ष, सैन सिंह नेगी व आभा सैलानी को उपाध्यक्ष, बैशाख सिंह रावत को महासचिव, प्रभु दयाल व चित्रा गौड़ को संगठन सचिव, रोमेश शाह को कार्यालय सचिव, हरीश टम्टा को मीडिया प्रभारी, किशोरी शाह को कोषाध्यक्ष बनाया गया। भरत डुंगरियाल, मोहम्मद गुल सिताब, शेर सिंह, मीना आगरी, जानकी रड़वाल, एके शाह, विजय सैलानी, इंद्र सिंह, सुरेंद्र राज व कुलदीप नेगी को सदस्य नामित किया गया।