फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chamoli News: सुराईथोटा-तोलमा सड़क के संबंध में रिपोर्ट करें प्रस्तुत

Mon, 15 Jun 2026 07:18 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
विज्ञापन

डीएम ने जनता मिलन कार्यक्रम में सुनीं समस्याएं, दिए निर्देश
कहा- शिकायतों का औपचारिकता नहीं वास्तविक हो समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने जनता मिलन कार्यक्रम में लोगों की शिकायतें सुनीं। तोलमा के ग्रामीणों की सुराईथोटा-तोलमा सड़क निर्माण व झूला पुल की मरम्मत में देरी पर डीएम ने संबंधित विभाग को जरूरी कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्याओं व शिकायतों के समाधान में औपचारिकता न निभाएं बल्कि वास्तविक समाधान होना चाहिए।
सोमवार को जनता मिलन कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़ी 10 शिकायतें आईं। नैथोली निवासी सुरेंद्र रावत ने गांव को सड़क से जोड़ने की मांग उठाई। डीएम ने अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सानिया नेगी, गोविंद राम, शुक्रू लाल, जसपाल सिंह सहित अन्य लोगों ने समस्याएं व शिकायतें रखीं। डीएम ने कहा कि सभी का गंभीरता से समाधान करना सुनिश्चित करें। डीएम ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की भी विस्तार से समीक्षा की। डीएम ने जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता व जवाबदेही के साथ कार्य करने और शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर परियोजना निदेशक आनंद सिंह, एसडीएम आरके पांडे, सीएमओ डॉ. अभिषेक गुप्ता, मुख्य कृषि अधिकारी जयप्रकाश तिवारी, जिला विकास अधिकारी केके पंत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


फोटो
सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
पोखरी (चमोली)। विकासखंड पोखरी का वीणा तल्ला-मल्ला गांव सड़क से वंचित है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द उनके गांव को सड़क से जोड़ने के लिए उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन शुरू कर देंगे।
विज्ञापन

ग्रामीण बड़ी संख्या में तहसील पहुंचे, उन्होंने एसडीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। ग्रामीणों की मांग है कि आली-कांडई मोटर मार्ग से उनके गांव के लिए सड़क स्वीकृत की जाए। उन्हें आज भी सड़क तक पहुंचने के लिए चार किमी पैदल चलना पड़ता है। बाजार आने के लिए चार किमी आना और वापस चार किमी चलकर घर पहुंचना पड़ता है। बीमार, बुजुर्ग गर्भवती को अस्पताल पहुंचाना उनके लिए बड़ी चुनौती बना रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि अब वे सड़क के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। यदि जल्द सड़क स्वीकृत न की गई तो वे उग्र आंदोलन शुरू कर देंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान सत्येंद्र सिंह, दिगंबर बर्त्वाल, रणजीत सिंह नेगी, राकेश सिंह, जयानंद कुमेड़ी, मोनिका देवी, रीना देवी, भगवती प्रसाद आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें