चमोली जिले के चार ब्लाकों की क्षतिग्रस्त 16 पेयजल योजनाओं की मरम्मत कार्य की स्वीकृति दैवी आपदा मद में विभाग को मिली है। जल्द योजनाओं के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
गैरसैंण के कंडारीखोड़ गांव की पेयजल योजना की मरम्मत की मांग ग्रामीण लंबे समय से कर रहे थे। पहले से ही जर्जर योजना वर्ष 2015 में आपदा की भेंट चढ़ गई। नौगांव और फरसों गांव की पेयजल योजनाएं भी आपदा की भेंट चढ़ी थी।
थराली ब्लाक के चिड़िंगा मल्ला दो से अधिक तोकों की लाइन आपदा में क्षतिग्रस्त होने से पेयजल संकट बना था। अब देवाल के सूया, मुंदोली, उलंग्रा सहित 6 से अधिक योजनाओं को दैवी आपदा के तहत स्वीकृति मिली है।
योजनाओं के पुनर्निर्माण की स्वीकृति से पेयजल संकट दूर होने की उम्मीद जगी है। जलसंस्थान डिवीजन कर्णप्रयाग के अधिशासी अभियंता एनएस पयाल ने बताया कि चार ब्लाकों में 16 योजनाओं की स्वीकृति जिला प्रशासन से मिली है।
करीब 21 लाख रुपये से बनने वाली इन 16 योजनाओं पर जल्द कार्य शुरू कर दिया जाएगा। जल्द ग्रामीणों को पेयजल संकट से निजात दिलाई जाए।
ब्लाक स्वीकृत योजनाएं
नारायणबगड़ 03
थराली 04
देवाल 06
गैरसैंण 03