प्रस्ताव तैयार करने में देरी को बनाया गया आधार
रेंज अधिकारी बोले- बड़े कार्यक्रम के लिए नहीं मिला स्टाफ
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। आगामी 2026 में प्रस्तावित श्रीनंदा देवी राजजात कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने में लेटलतीफी पर चमोली जिले के एक रेंज अधिकारी को रुद्रप्रयाग अटैच कर कर दिया गया है। डीएफओ ने कहा कि 29 अगस्त तक रेंज अधिकारी की ओर से सिर्फ दो ही प्रस्ताव भेजे गए थे।
रूपकुंड के पास से सुतोल तक के वन क्षेत्र का हिस्सा बदरीनाथ वन प्रभाग के नंदप्रयाग रेंज के पास है। हिमालीय महाकुंभ श्रीनंदा देवी राजजात के तहत करीब 41 किमी के हिस्से पर रास्तों का निर्माण सहित अन्य व्यवस्थाएं होनी हैं लेकिन व्यवस्थाओं पर काम होने से पहले ही यहां के रेंज अधिकारी हेमंत सिंह बिष्ट को अटैच कर दिया गया। बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे ने कहा कि श्रीनंदा देवी राजजात के प्रस्तावों के लिए नंदप्रयाग रेंज के अधिकारी को नौ पत्र लिखे गए लेकिन 29 अगस्त तक सिर्फ दो ही प्रस्ताव भेजे गए जबकि देवाल रेंज से सभी प्रस्ताव भेज दिए गए। जांच कराई गई और जांच के बाद शासन के निर्देश पर रेंज अधिकारी को रुद्रप्रयाग अटैच कर दिया गया।
वहीं रेंज अधिकारी हेमंत बिष्ट ने बताया कि राजजात जैसे बड़े कार्यक्रम के लिए उनके पास स्टाफ पूरा नहीं दिया गया। यही नहीं आला अधिकारी 5-5 लाख तक ही इस्टीमेट बनाने की बात कह रहे थे लेकिन कई जगह बड़े काम थे जो पांच लाख में नहीं हो सकते थे। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य न्यायालय की बुग्यालों से संबंधित गाइडलाइन के अनुसार करने की बात कही। कहा कि फिर भी विभागीय आदेश का पालन किया जाएगा।
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सुतोल मार्ग पर उठते रहे सवाल
श्रीनंदा देवी राजजात यात्रा के होमकुंड से वापसी सुतोल का पैदल मार्ग भोजपत्र के जंगल से होकर गुजरता है। यह रास्ता नंदप्रयाग रेंज के पास है। बीते 2000 और 2014 में आयोजित श्रीनंदा देवी राजजात में इस रास्ते के निर्माण को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। वन विभाग के निर्माण के बावजूद इस रास्ते पर वर्ष 2014 में कई श्रद्धालु दुर्घटनाग्रस्त हुए।
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राजजात के पड़ावों और मार्गों का अध्ययन कर रहा दल
देवाल। हिमालीय महाकुंभ श्रीनंदा राजजात मार्ग और पड़ावों का अध्ययन करने निकला अध्ययन दल फल्दियागांव से देर शाम मुंदोली पहुंचा। बुधवार को यह दल आबादी के अंतिम गांव वाण में रात्रि प्रवास पर रहेगा। मुंदोली पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया।
यात्रा दल में शामिल लोक कलाकार किशन दानू विभिन्न यात्रा विश्राम स्थलों पर महिलाओं के साथ मिलकर मां नंदा के जागर और अन्य लोकगीतों की प्रस्तुति दे रहे हैं। राजजात समिति के सचिव भुवन नौटियाल ने बताया कि राजजात के भव्य आयोजन के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। सभी पड़ावों व यात्रा मार्ग के प्रस्ताव विभागों के पास आए हैं। राजजात मार्ग व पड़ावों पर क्या हो सकता है इसके लिए नौटी से अध्ययन दल हर पड़ाव पर पहुंंचकर पड़ाव समिति से वार्ता कर रहा है। दल में टीम लीडर आलोक चमोला, गणेश नौटियाल, पंकज कुंवर, आलोक कुंवर, शौर्य प्रताप सिंह, किशन दानू आदि मौजूद थे। संवाद