सर्वोच्च स्थान पाने के बावजूद भी उत्तराखंड देवभूमि खेल रत्न पुरस्कार के लिए वॉक रेसर मनीष रावत का चयन न होने पर खेल प्रेमियों ने नाराजगी व्यक्त की है। खेल प्रेमियों ने कहा कि गुरमीत जब रियो ओलंपिक में डिश क्वालिफाई हो गये थे, तो ऐसे में उन्हें खेल रत्न के लिये चुना जाना गलत है। उन्होंने चयन प्रक्रिया निरस्त कर मनीष को खेल रत्न के लिए चयनित करने की मांग उठाई है।
बीती छह नवंबर को राज्य सरकार ने जैसे ही खेल रत्न पुरस्कार के लिए ओलंपिक एथलीट गुरमीत सिंह के नाम को सार्वजनिक किया तो खेल प्रेमियों ने सरकार पर मनीष की उपेक्षा का आरोप लगाया।
वॉलीबाल संघ के जिलाध्यक्ष अशोक रावत, पूर्व अध्यक्ष शेखर रावत, अंकोला पुरोहित, हेमंत दरमोड़ा, संदीप झिंक्वाण, मनोज भंडारी, संदीप भंडारी और अनूप रावत का कहना है कि उत्तराखंड देवभूमि खेल रत्न अवार्ड के लिये गुरमीत सिंह को चयनित किया जाना चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़ कर रहा है। कहा कि रियो ओलंपिक में गुरमीत सिंह पहले राउंड में ही डिश क्वालीफाई हो गये थे, जबकि वॉक रेसर मनीष रावत ने अपनी स्पर्धा में पूर्व के मेडलिस्ट को पीछे छोड़ 13वां स्थान अर्जित किया था। उन्होंने प्रक्रिया निरस्त न होने पर विरोध करने की बात कही है।