कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग फिर अलर्ट मोड पर है। जिला अस्पताल सहित भराड़ीसैंण और कालेश्वर में स्थित कोविड सेंटर का संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा। भराड़ीसैंण सेंटर में 465, कालेश्वर में 30 और जिला चिकित्सालय में 85 बेड की व्यवस्था की गई है। जबकि जिला अस्पताल में 7 और कर्णप्रयाग में 2 वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई है, जबकि 4 वेंटिलेटर रिजर्व में हैं।
चारधाम यात्रा के दौरान गैरसैंण और गौचर में एंटीजन और ट्रू नेट जांच की व्यवस्था की जाएगी, जबकि ग्वालदम में सिर्फ एंटीजन टेस्ट होगा। कोविड सेंटरों में ऑक्सीजन की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए वार्डों में पाइप लगाने का काम पूरा हो गया है। अब इसका सेंटर स्थापित किया जाएगा। जिला चिकित्साधिकारी डा. जीएस राणा ने बताया कि कोविड संक्रमण को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। सभी अस्पतालों और कोविड सेंटरों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
40 केंद्रों पर लग रहा टीका
गोपेश्वर। चमोली जिले में कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण की प्रक्रिया 40 केंद्रों पर संचालित की जा रही है। जिनमें वर्तमान तक लगभग 70 हजार लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। जिले का लक्ष्य 95 हजार लोगों के टीकाकरण का है।