तापमान गिरने के साथ ही नदियों का जलस्तर कम होने से जिले की जल विद्युत परियोजनाओं का विद्युत उत्पादन कम हो गया है, जबकि जिले की दो विद्युत परियोजनाएं जुलाई-अगस्त में आई आपदा के बाद से ठप पड़ी है। जल विद्युत परियोजनाओं से वर्तमान में यूपीसीएल को 5.6 मेगावाट बिजली मिल पा रही है, जबकि अगस्त में 11.6 मेगावाट बिजली प्राप्त हो रही थी।
चमोली जिले में अलकनंदा, ऋषि गंगा, बिरही गंगा और नंदाकिनी नदी पर विद्युत परियोजनाएं हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तापमान के कम होने से ग्लेशियरों के पिघलने की गति कम हो गई है, जिससे नदियों का जलस्तर में कम होने से विद्युत उत्पादन में भी कमी आई है।
400 मेगावाट की विष्णुप्रयाग जल विद्युत परियोजना से उत्पादित बिजली उत्तर प्रदेश के लिए सप्लाई होती है, लेकिन यहां भी वर्तमान में करीब 100 मेगावाट का विद्युत उत्पादन हो रहा है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता कैलाश कुमार का कहना है कि यूपीसीएल को जिले से वर्तमान में करीब 5.7 मेगावाट बिजली प्राप्त हो रही है।