चमोली जिले में लॉकडाउन के दौरान बीमारियों से पीड़ित लोगों की परेशानियां और बढ़ रही हैं। जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में न तो मेडिकल स्टोर हैं और न ही स्वास्थ्य सुविधाएं। ऐसे में लोगों को अपने सगे संबंधियों से देहरादून, श्रीनगर या अन्य शहरों से दवाइयां मंगानी पड़ रही हैं।
चमोली जिले के कर्णप्रयाग, गैरसैंण और थराली तहसीलों में कई मरीज ऐसे हैं, जिनका इलाज देहरादूून के अस्पतालों से चल रहा है और लॉकडाउन में इन लोगों के सामने दवाइयां मंगाने की समस्या खड़ी हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह, विक्रम मिंगवाल, बृजेश बिष्ट, पुष्कर रावत आदि का कहना है कि कई बार प्रशासन से लोगों के लिए बाहर से दवाई मंगाने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया, लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में गंभीर बीमारी वाले लोग अपने रिश्तेदारों से देहरादून से यहां दवाइयां पहुंचाने की फरियाद कर रहे हैं। कई लोगों ने देहरादून से दवाइयां भी मंगवाई हैं लेकिन जिले तक दवाइयां लाने में भी कई जगह अनुमति मांगनी पड़ रही है। साथ कई बार समय से दवाइयां भी नहीं मिल रही हैं। उन्होंने जल्द तहसील स्तर पर प्रशासन को जरूरतमंद लोगों के लिए दवाइयां मंगाने की व्यवस्था करने की मांग की।
कोट
जिन लोगों को दवाइयों की जरूरत है और जिले में दवाइयां नहीं मिल रही हैं, तो ऐसे लोग अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमएस खाती के मोबाइल नंबर 9412061783 या 7906804044 पर संपर्क कर सकते हैं। उनको अपनी दवाइयों की डिमांड भेज सकते हैं। बीमार लोगों की दवाइयां उनको जिले में ही उपलब्ध करा दी जाएंगी। - स्वाति एस भदौरिया, डीएम चमोली।