हेमकुंड साहिब की यात्रा शुरू होने के लिए अब केवल 17 दिन ही बचे हैं और यात्रा का पैदल मार्ग ही साफ नहीं हो सका है। दूसरी सुविधाएं जुटाना अलग से। प्रशासन घांघरिया से हेमकुंड साहिब तक करीब साढ़े तीन किमी तक बर्फ हटाने का दावा कर रहा है, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है।
सूत्रों के अनुसार अभी केवल डेढ़ किलोमीटर रास्ते से ही बर्फ साफ हो सकी है। बाकी मार्ग पर करीब 12 फीट बर्फ जमी हुई है। बिजली और पानी की व्यवस्था भी घांघरिया तक ही हो सकी है।
हेमकुंड साहिब के दर्शनों के लिए तीर्थयात्रियों को गोविंदघाट से 19 किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। यात्रा के प्रमुख पड़ाव घांघरिया में वर्ष 2013 में आपदा से पेयजल लाइन बह गई थी।
यहां रबड़ के पाइपों से पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। गोविंदघाट से घांघरिया तक पैदल मार्ग पर पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। घोड़े-खच्चरों के लिए भी पानी की चर्री (तालाब) नहीं बनाए गए हैं।
हेमकुंड साहिब के प्रवेश द्वार गोविंदघाट से पुलना तक लोनिवि के मजदूर सड़क को छोटे वाहनों की आवाजाही लायक बनाने में जुटे हुए हैं। पुलना से घांघरिया तक करीब नौ किमी पैदल मार्ग बदहाल पड़ा है। लक्ष्मण गंगा के पास मार्ग उबड़-खाबड़ है। जिसपर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है।
घांघरिया से हेमकुंड साहिब तक छह किमी पैदल मार्ग बर्फ से ढका हुआ था। सेना के 20 जवान और 20 कार सेवक करीब डेढ़ किमी तक ही बर्फ को हटा पाए हैं। पल-पल बदल रहे मौसम के कारण बर्फ हटाने का काम बाधित हो रहा है। घांघरिया से आगे बर्फ से बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त पड़ी है।
हेमकुंड साहिब में निम बनाएगी हेलीपैड
हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू होने में समय कम होने के कारण अब शासन ने हेमकुुंड साहिब से बर्फ हटाने और धाम में एक हेलीपैड बनाने का जिम्मा निम को सौंपने का निर्णय लिया है।
बृहस्पतिवार को चमोली के डीएम अशोक कुमार और निम के प्रिंसिपल कर्नल अजय कोठियाल ने हेमकुंड साहिब धाम और पैदल रास्ते का हवाई सर्वेक्षण किया।
डीएम ने कहा कि हेमकुंड साहिब के पैदल मार्ग का रख-रखाव का जिम्मा लोनिवि संभालता है, लेकिन पैदल मार्ग के अंतिम हिस्से में फैली बर्फ को हटाने में लोनिवि के पास संसाधनों की कमी है, जिसे देखते हुए यहां प्रतिवर्ष सेना के जवान और कार सेवक ही बर्फ हटाने के लिए पहुंचते हैं। इस बार बर्फ अधिक होने से निम का सहारा लिया जा रहा है।
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हेमकुंड साहिब धाम की रैकी कर ली है। दो-तीन दिनों में हमारे 50 से 75 कर्मी हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग से बर्फ हटाने में जुट जाएंगे। हेमकुंड साहिब धाम से एक किमी पहले हमें बर्फ हटाकर हेलीपेड बनाने के लिए भी कहा गया है। कोशिश है कि एक जून से पहले यात्रा के पैदल मार्ग को बर्फ से मुक्त कर दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो बर्फ हटाने के लिए मशीनें लगाई जाएंगी। - कर्नल अजय कोठियाल, प्रधानाचार्य, निम